बांदा, के एस दुबे । भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के बैनर तले सोमवार को बड़ी संख्या में किसान जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और मुख्यमंत्री को संबोधित 15 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। किसानों ने कृषि से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को उठाते हुए शीघ्र समाधान की मांग की। भाकियू (अराजनैतिक) के जिलाध्यक्ष महेंद्र त्रिपाठी ने कहा कि किसान आज खाद, बीज, सिंचाई, बिजली और आवारा पशुओं जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रहे हैं। उन्होंने मांग की कि विरासत और बंटवारे के लंबित मामलों का समयबद्ध निस्तारण किया जाए तथा फार्मर आईडी बनाने की प्रक्रिया को सरल बनाया जाए। किसानों ने डीएपी और यूरिया की पर्याप्त
उपलब्धता सुनिश्चित करने, कालाबाजारी पर रोक लगाने, नकली बीज, कीटनाशक और मिलावटी उर्वरक बेचने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग उठाई। साथ ही खराब बीज से प्रभावित किसानों को मुआवजा देने, फसल बीमा का भुगतान शीघ्र कराने और सिंचाई के लिए नहरों व ट्यूबवेलों की व्यवस्था दुरुस्त करने की बात कही।
ज्ञापन में आवारा पशुओं से फसलों की सुरक्षा, कृषि कार्यों के लिए नियमित विद्युत आपूर्ति, गन्ना किसानों का बकाया भुगतान ब्याज सहित कराने तथा कृषि यंत्रों और बीजों का लाभ बिना भ्रष्टाचार के किसानों तक पहुंचाने की मांग भी शामिल रही। किसानों ने तहसील और जिला स्तर पर नियमित किसान समाधान शिविर आयोजित करने तथा भूमि और राजस्व संबंधी विवादों का समयबद्ध निस्तारण कराने की मांग की। भाकियू नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार और प्रशासन ने किसानों की मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की तो संगठन व्यापक जनआंदोलन करने के लिए बाध्य होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। ज्ञापन सौंपने के दौरान जिला उपाध्यक्ष रोहित द्विवेदी, जगप्रसाद फौजी, ओमप्रकाश गुप्ता, जिला महासचिव बलराम तिवारी, सदर तहसील अध्यक्ष सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।


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