बकरीद के जुलूस में 18 साल पहले दो पक्षों के बीच हुआ था विवाद
इस हमले में बसपा नेता के पुत्र व उनके अंगरक्षक की हो गई थी मौत
फतेहपुर, मो शमशाद । जिला के हथगाम थाना क्षेत्र के पट्टीशाह गांव में 18 साल पहले हुए डबल मर्डर केस का बहुप्रतीक्षित फैसला सुना दिया गया। न्यायाधीश ने इस मामले में 14 को उम्र कैद की सजा सुनाई। इन सभी पर 38-38 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया गया है। बताना जरूरी है कि इस हत्याकांड के दो आरोपियों की मौत हो चुकी है। एक अभियुक्त, तीन साल पहले अखरी गांव में हुए ट्रिपल मर्डर के आरोपी के तौर पर पहले से ही जेल में रहकर सजा काट रहा है।
![]() |
| सजा के बाद दोषियों को ले जाते पुलिसकर्मी |
बताते चलें कि 7 दिसंबर 2008 के शाम 4 बजे मातम जुलूस के दौरान हुआ विवाद देखते ही देखते मारपीट के दौरान खूनी संघर्ष में तब्दील हो गया था। हथगाम थाना क्षेत्र के पट्टीशाह गांव में दो पक्षों में मारपीट के साथ गोलियां चली थीं। जिसमें बसपा नेता मज़हर हैदर नकवी उर्फ मज्जू मियां के बेटे रियाज अतहर की घटनास्थल पर ही मौत हो गई थी जबकि उनके अंगरक्षक शमशाद ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था। इस हमले में बसपा नेता भी गंभीर रूप से घायल हुए थे। दूसरे पक्ष से रईस को भी गोली लगी थी। जिला सत्र एवं न्यायाधीश सुधीर कुमार की अदालत में गुरुवार सुनवाई के बाद शुक्रवार को भी यह मामला पेश हुआ।जिला शासकीय अधिवक्ता अनिल दुबे ने पक्ष रखा। सारी दलील सुनने के बाद न्यायाधीश ने धारा 302 के तहत शरीफ, रईस सफीक पुत्रगण लतीफ, साबिर, सादिक, मुन्नू सिंह, वाजिद, अशोक, मोईन, संजय, निहाल, इसराईल,सगीर व रईस को आजीवन कारावास की सजा के साथ 38- 38 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया। इनमें से साबिर पर असला रखने के आरोप में 5000 का अतिरिक्त जुर्माना भी लगाया गया है।
और चर्चा में आया बच्छन व सलाम का नाम
फतेहपुर। जिले के पट्टी शाह मर्डर के आरोपियों में बच्छन व सलाम भी शामिल थे। जिनकी मुकदमा के दौरान मौत हो चुकी है। जिस वक्त फैसला आया बाहर इनका भी चर्चा के दौरान नाम आया।
एक अभियुक्त ट्रिपल मर्डर का आरोपी
फतेहपुर। पट्टी शाह मर्डर के आरोपियों में शामिल अखरी गांव निवासी मुन्नू सिंह पहले से ही जेल में है। जो अखरी गांव में हुए ट्रिपल मर्डर का आरोपी है। इस मामले के सभी अभियुक्तों पर पूर्व में ही गैंगेस्टर एक्ट के तहत भी दोष सिद्ध हो चुका है।


No comments:
Post a Comment