पातालेश्वर दिव्य कमेटी के लोगों ने उठे कई मांगे
बांदा, के एस दुबे । जसपुरा विकासखंड की ग्राम पंचायत गड़रिया स्थित डॉ. भीमराव अम्बेडकर अनुसूचित जनजाति प्राथमिक विद्यालय की बदहाल स्थिति शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। डिजिटल शिक्षा और आधुनिक स्कूलों के दौर में भी यहां के छात्र जर्जर खपरैल की छत और टूटी-फूटी व्यवस्थाओं के बीच पढ़ाई करने को मजबूर हैं। ग्रामीणों के अनुसार विद्यालय भवन वर्षों से मरम्मत और विकास कार्यों की प्रतीक्षा कर रहा है। स्कूल में न तो पक्की छत की समुचित व्यवस्था है और न ही बच्चों के लिए पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध हैं। बरसात के मौसम में खपरैल की छत के कारण बच्चों और शिक्षकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। पातालेश्वर दिव्य कमेटी के बंटू महाराज दीपक शर्मा लाला मुकेश सोनकर सुमित अंकित आदि लोगों का कहना है कि कभी यह
विद्यालय क्षेत्र के बच्चों के लिए शिक्षा का प्रमुख केंद्र था, जहां से पढ़कर कई छात्र विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़े। लेकिन आज विद्यालय खुद अपनी बदहाली से जूझ रहा है। ग्रामीणों ने जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए विद्यालय की स्थिति सुधारने की मांग की है। इस बीच विद्यालय के शिक्षक शिवकरण आचार्य की सराहना की जा रही है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद वर्षों से बच्चों की शिक्षा और विद्यालय की व्यवस्था संभालने में जुटे हुए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि उनके प्रयासों से ही विद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियां निरंतर संचालित हो रही हैं।
हाल ही में एक सामाजिक टीम ने विद्यालय पहुंचकर परिसर की साफ-सफाई की, स्कूल की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों से विद्यालय भवन के जीर्णोद्धार तथा मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग उठाई। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द विद्यालय की मरम्मत, पक्की छत निर्माण और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि बच्चों को सुरक्षित एवं बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके।


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