बड्स एक्ट के तहत निवेशकों का पैसा लौटाने की मांग
फतेहपुर, मो शमशाद । चिटफंड कंपनियों में जमा धनराशि वापस दिलाने की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे ठगी पीड़ित परिवार का आंदोलन लगातार 22 महीनों से जारी है। राष्ट्रीय संरक्षक सूरजदीन विश्वकर्मा की अगुवाई में संगठन के पदाधिकारियों और पीड़ित निवेशकों ने बुधवार को जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन सौंपते हुए बड्स एक्ट 2019 के तहत शीघ्र भुगतान सुनिश्चित कराने की मांग उठाई। ज्ञापन में कहा गया कि संगठन बीते एक सितंबर 2024 से नहर कॉलोनी परिसर में अनिश्चितकालीन आंदोलन कर रहा है, लेकिन अब तक पीड़ित निवेशकों को उनका पैसा नहीं मिल सका है। संगठन का आरोप है कि केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए बड्स एक्ट 2019 का जिले में प्रभावी अनुपालन नहीं हो रहा है, जिससे लाखों रुपये गंवाने वाले हजारों निवेशक न्याय से वंचित हैं। पीड़ितों का
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| नहर कालोनी प्रांगण में धरना देते ठगी पीड़ित। |
कहना है कि कानून के अनुसार आवेदन के 180 दिनों के भीतर कार्रवाई और भुगतान की व्यवस्था है, लेकिन धरातल पर ऐसा नहीं हो रहा। संगठन के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि कलेक्ट्रेट में आवेदन लेने के लिए काउंटर तो खोला गया, लेकिन आवेदनों की विधिवत रसीद तक नहीं दी जा रही है। इससे निवेशकों में असंतोष बढ़ रहा है। ज्ञापन में यह भी कहा गया कि जिले में बड़ी संख्या में निवेशकों ने आवेदन जमा किए हैं, लेकिन अब तक उनकी स्थिति और कार्रवाई की जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई। प्रमुख मांगो में बड्स एक्ट 2019 के तहत निवेशकों का भुगतान सुनिश्चित करने, बेरोजगार हुए एजेंटों के पुनर्वास एवं सुरक्षा की व्यवस्था, लंबित आवेदनों की संख्या सार्वजनिक करने, तथा जिन कंपनियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं हुई है, उनके विरुद्ध भी मुकदमा दर्ज करने की मांगे शामिल रही। इसके अलावा जिले में कथित रूप से संचालित फर्जी निवेश योजनाओं की जांच कर कठोर कार्रवाई करने की भी मांग उठाई गई। ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि यदि समय रहते पीड़ितों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आगामी चुनावों में पीड़ित परिवार चुनाव बहिष्कार पर विचार करेगा। संगठन ने स्पष्ट किया कि जब तक निवेशकों का भुगतान नहीं हो जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। इस मौके पर विनोद कुमार मौर्य, राकेश साहू, रामशरण दास, सतीश कुमार विश्वकर्मा, अवधेश कुमार विश्वकर्मा, नरेंद्र कुमार, बिंदा प्रसाद, अंबिका प्रसाद, प्रदीप शर्मा, प्रेम कुमार, लोकेश कुमार, चंद्रशेखर प्रजापति आदि मौजूद रहे।


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