कानपुर, प्रदीप शर्मा - छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय कानपुर के सीनेट हाल में विश्वविद्यालय के नवाचार फाउंडेशन के सहयोग से देशी गौवंश रक्षण एवं संवर्धन समिति गौ रक्षा विभाग विश्व हिंदू परिषद कानपुर प्रांत द्वारा गोपालन गो संवर्धन एवं पंचगव्य चिकित्सा पर एक कार्यशाला गोष्ठी का आयोजन हुआ जिसमें मुख्य वक्ता बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के प्रोफेसर एवं नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के पूर्व निदेशक प्रोफेसर गुरु प्रसाद सिंह से देश में गोपालन एवं गौ संवर्धनएवं पंचगव्य के बारे में बताते हुए कहा कि कि भारतीय नस्ल की गाय ही स्वास्थ्य के लिए सर्वथा उपयोगी है विदेशी नस्ल की गाय न केवल कृषि के लिए बल्कि स्वास्थ्य की दृष्टि से भी सब प्रकार से हानिकारक है । उन्होंने स्वस्थ रहने के लिए सीजनल ओरिजिनल आहार पर जोर देते हुए पंचगव्य से अनेक लघु मध्यम व बड़े उद्योग लगाने के बारे में बताया।
इस अवसर पर आयुर्वेदाचार्य डॉ. वंदना पाठक ने कहा कि शरीर को स्वस्थ रखने के लिए देसी गाय लाभकारी होता है। कार्यक्रम के संयोजक के डी शुक्ला ने कहा कि अनादि काल से गाय देश की अर्थव्यवस्था की घुरी बनी रही है तथा गोपालन से देश की ऊर्जा संकट एवं आयात निर्यात बैलेंस दोनों में अमूल सुधार किया जा सकता है। कार्यक्रम में रोटेरियनएवं एफ एफ डी सी के अतिरिक्त निदेशक डॉ भक्ति विजय शुक्ला ने स्वस्थ जीवन शैली के लिए पंचगव्य जैविक कृषि के प्रयोग एवं इसके उपयोग में इसके उद्योग स्थापित करने में सहायता देने संबंधी जानकारी दी । कार्यक्रम की अध्यक्षता विहिप के प्रांत कार्य अध्यक्ष डॉ उमेश पालीवाल ने की। इस अवसर पर आशीष त्रिपाठी केशव पांडे प्रमोद मिश्रा मौजूद रहे ।


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