बांदा, के एस दुबे । शहर मुख्यालय से सटी केन नदी में अवैध बालू खनन का मामला एक बार फिर चर्चा में है। आरोप है कि ब्रह्मा डेरा–अछरौड़ क्षेत्र में रात-दिन ट्रैक्टर-ट्रालियों के जरिए अवैध रूप से बालू निकाली जा रही है, जिससे सरकार को लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है। सूत्रों के अनुसार, कृषि विश्वविद्यालय चौकी में तैनात एक सिपाही पर प्रति ट्रैक्टर ₹2000 की कथित "एंट्री" वसूली का आरोप लगाया गया है। जो चौकी इंचार्ज तक पहुंचता है यह भी दावा किया जा रहा है कि एक ट्रैक्टर चालक की फोन पर हुई बातचीत का वीडियो सामने आया है, जिसमें कथित रूप से संबंधित सिपाही का नाम लिया गया है। हालांकि, इस वीडियो और आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं
हो सकी है। बताया जा रहा है कि कनवारा क्षेत्र में भी रात के समय कई ट्रैक्टर-ट्रालियां बालू परिवहन में लगी रहती हैं और यह कथित खेल लंबे समय से चल रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि खनिज विभाग और संबंधित अधिकारियों की जानकारी के बावजूद अवैध खनन पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है। अब देखना होगा कि इन गंभीर आरोपों को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस विभाग क्या कदम उठाते हैं। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो अवैध खनन और कथित संरक्षण देने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की उम्मीद की जा रही है।


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