पुलिस पर मामले को दबाने का संगीन आरोप
बांदा, के एस दुबे । उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में कानून-व्यवस्था और खाकी की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मटौंध थाना क्षेत्र के ग्राम गोयरा मुगली से एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां बीते 17 दिनों से एक किसान रहस्यमयी परिस्थितियों में लापता है। पीड़ित परिवार ने गांव के ही दबंगों पर अपहरण कर हत्या करने की आशंका जताई है। वहीं, इस पूरे मामले में स्थानीय पुलिस की भूमिका पर भी गंभीर आरोप लगे हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, बीती 12 जून 2026 को गोयरा मुगली निवासी किसान फारूख अपने खेत को जोतने के लिए घर से निकले थे, जिसके बाद से वह वापस नहीं लौटे। घटना के बाद जब छानबीन शुरू हुई, तो पुलिस की मौजूदगी में ही घटनास्थल के पास से फारूख के कपड़े, जूते और उनका मोबाइल फोन बरामद हुआ। सामान मिलने के बाद से ही अनहोनी की आशंका और गहरा गई है, लेकिन इतने दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ अब तक खाली हैं।
लापता किसान के पुत्र शाहरुख और भाई फहीम अहमद ने पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र सौंपकर गांव के ही कुछ आपराधिक छवि के दबंगों पर सीधा आरोप लगाया है। पीड़ितों का कहना है कि गांव के अकीद, उवैद उर्फ बौरा, लल्लू और इमरान उर्फ मुन्ना से उनकी पुरानी रंजिश चल रही है। आरोप है कि इन दबंगों ने पहले भी पीड़ित परिवार को श्मोहर्रम न देखने देनेश् की खुली धमकी दी थी। परिवार का साफ तौर पर कहना है कि इन्हीं दबंगों ने साजिश के तहत फारूख का अपहरण किया है और उनकी हत्या कर शव को कहीं गायब कर दिया है।
इस मामले में सबसे चौंकाने वाला और गंभीर मोड़ मटौंध थाना पुलिस का रवैया है। न्याय के लिए दर-दर भटक रहे पीड़ित परिवार ने पुलिस पर बेहद संगीन आरोप लगाए हैं।साठगांठ का आरोपरू पीड़ितों का कहना है कि मटौंध थाना पुलिस आरोपियों के साथ मिली हुई है और मामले को रफा-दफा करना चाहती है।
परिजनों का आरोप है कि जब वे शिकायत लेकर थाने जाते हैं, तो पुलिस उनकी इस भारी विपदा को श्नाटकश् करार देकर टाल देती है।हमारे वालिद का अपहरण कर लिया गया है और हमें डर है कि उनकी हत्या कर दी गई है। लेकिन पुलिस कार्रवाई करने के बजाय हमारी मजबूरी का मजाक उड़ा रही है। हमें इंसाफ चाहिए। स्थानीय पुलिस के अड़ियल और संवेदनहीन रवैये से परेशान होकर अब पीड़ित परिवार ने बांदा पुलिस अधीक्षक और प्रदेश के मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार लगाई है। परिवार ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, नामजद दबंगों को तुरंत गिरफ्तार कर कड़ाई से पूछताछ की जाए और लापता किसान फारूख का पता लगाया जाए। इस घटना के बाद से गांव में तनाव का माहौल है और पुलिस की कार्यशैली को लेकर ग्रामीणों में भी भारी आक्रोश है। अब देखना यह है कि जिला प्रशासन के आला अधिकारी इस मामले में क्या रुख अपनाते हैं।


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