दो अधिशासी अभियंताओं को कारण बताओ नोटिस
बांदा, के एस दुबे । चित्रकूटधाम मण्डल के आयुक्त अजीत कुमार ने जनसुनवाई एवं शिकायत निवारण प्रणाली को लेकर बेहद कड़ा रुख अपनाया है। आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा के दौरान लापरवाही और असंतोषजनक रिपोर्ट मिलने पर कमिश्नर ने अधिशासी अभियन्ता, उत्तर प्रदेश जल निगम बाँदा और अधिशासी अभियन्ता, उत्तर प्रदेश जल निगम चित्रकूट को श्कारण बताओ नोटिसश् जारी किया है। आयुक्त ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि जनशिकायतों का निस्तारण केवल कागजों या औपचारिकता में नहीं, बल्कि धरातल पर गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध होना चाहिए।अभिलेखों में नहीं, जमीन पर दिखे समाधान मण्डलायुक्त ने
समीक्षा बैठक में निर्देश दिया कि मण्डल के किसी भी गांव में पेयजल संकट की स्थिति पैदा नहीं होनी चाहिए। प्रत्येक ग्राम में नियमित और शुद्ध पेयजल की आपूर्ति हर हाल में सुनिश्चित की जाए। जल जीवन मिशन योजना के तहत पाइपलाइन डालने के लिए खोदी गई सड़कों और मार्गों को तत्काल मानक के अनुसार ठीक कराया जाए।
भविष्य में भ्रामक आख्या या लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सीधे अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।निर्बाध बिजली आपूर्ति के निर्देश, सोशल मीडिया की खबरों का लिया संज्ञान कमिश्नर ने दैनिक समाचार पत्रों और सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर आ रही बिजली कटौती की खबरों का गंभीर संज्ञान लिया। उन्होंने विद्युत विभाग के अधिकारियों को सख्त लहजे में निर्देशित किया कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में रोस्टर के अनुरूप निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।आंधी, तेज हवा या अन्य कारणों से क्षतिग्रस्त हुए बिजली के पोल, लाइन और ट्रांसफार्मरों को बिना किसी देरी के तत्काल बदला या मरम्मत किया जाए।बिजली आपूर्ति बाधित होने पर विभागीय अधिकारी दफ्तरों में बैठने के बजाय त्वरित स्थलीय कार्रवाई कर समस्या का समाधान करें। पेयजल और विद्युत दोनों ही आमजन की मूलभूत आवश्यकताएं हैं और यह शासन की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल हैं। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही, उदासीनता या शिथिलता कतई स्वीकार नहीं की जाएगी। लापरवाही मिलने पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई होगी।


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