बबेरू /बाँदा, के एस दुबे । बबेरू मे मोहर्रम की नवमी पर रात्रि को आलाव में कूद कर आग के अंगारों को हाथों से उछालकर मुस्लिम समुदाय के साथ-साथ हिंदू समुदाय के लोगों ने मातम किया ताजियों का जुलूस निकाला गया। बबेरू कस्बे के अलग-अलग इमामबाड़ों मे मोहर्रम की नवमी को रात्रि में कस्बे के चार इमामबाड़ों पर आलाव आग़ के अंगारों को उछाल कर मातम किया। उसके बाद रात्रि में ताजिया कस्बे पर निकाली गई। वही मोहर्रम की दसवीं तारीख को शुक्रवार की शाम से मोहर्रम के जुलुस की शुरुवात अतर्रा रोड से की गयी जिसमे और रोडबेज बस स्टाप स्थिति इमामबाड़ा पर पहुंचे जहाँ ढाल सवारियों एवं ताजियों का मिलाप करवाया गया उसके बाद ढोल ताशा की मातमी धुन पर ढाल सवारिया एवं ताजिया कस्बे के कमासिन रोड से निकालकर सभी इमामबाड़ा की ताजिया व मोहर्रम जुलुस को लेकर बड़ा इमामबाड़े पर पहुंचे, जहां पर एक-एक करके सभी ताजियों का मिलाप
करवाया गया। उसके बाद मातमी धुन पर हकीकत मंद जो ढाल सवारियां लेकर चल रहे थे, कस्बे के चिन्हित जगह से निकलकर मातम किया है। वही इस मुहर्रम के जुलूस को लेकर कस्बे मे हिंदू मुस्लिम एकता की मिसाल कायम हुई है, जिसमे मुस्लिम समुदाय के साथ-साथ हिंदू समुदाय के लोग भी मोहर्रम जे जुलुस मे शामिल हुए, वहीं कई जगह हकीदत मंदो के द्वारा कई प्रकार के खेलो का प्रदर्शन किया। वही अलग-अलग जगहो पर मोहर्रम जुलूस में निकल रहे हकीदत मंदो को ठंडा पानी शरबत के स्टाल लगाकर सभी जुलूस में शामिल लोगों को ठंडा शरबत एवं जलपान कराया गया, वही मोहर्रम की दसवीं का जुलूस में हजारों की संख्या में हकीकत मंद शामिल हुए, वही मोहर्रम के जुलूस में सुरक्षा की दृष्टि से राजेन्द्र सिंह राजावत, कस्बा इंचार्ज मनीष कुमार शर्मा उप निरीक्षक रामेन्द्र सिंह अरविन्द कुमार सिंह, बिजय बहादुर सिंह सहित भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा।


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