मानिकपुर के पर्यावरणविद् व 'परहित सेवा संस्थान' के प्रबंधक अनुज हनुमत राज्य स्तर पर सम्मानित
चित्रकूट,सुखेन्द्र अग्रहरि । जंगल, वन्यजीव, प्राचीन ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण और सामाजिक सरोकारों के लिए समर्पित मानिकपुर के युवा पर्यावरणविद्, पत्रकार एवं 'परहित सेवा संस्थान' के प्रबंधक अनुज हनुमत को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए राज्य स्तर पर सम्मानित किया गया है। अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस 2026 के अवसर पर रानीपुर टाइगर रिजर्व, चित्रकूट में आयोजित एक भव्य राज्य स्तरीय कार्यक्रम में उन्हें यह गौरव प्राप्त हुआ। उत्तर प्रदेश सरकार के वन राज्य मंत्री केपी मलिक एवं PCCF वन विभाग सुनील चौधरी ने संयुक्त रूप से अनुज हनुमत को स्मृति चिन्ह भेंट कर उनके सराहनीय प्रयासों का मान बढ़ाया। उक्त कार्यक्रम जगतगुरू रामभद्राचार्य महाराज दिव्यांग राज्य विश्वविद्यालय के अष्टावक्र सभागार में आयोजित हुआ।
पर्यावरण प्रेमी अनुज हनुमत के नेतृत्व में संचालित 'परहित सेवा संस्थान' चित्रकूट क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण, संस्कृति और समाज सेवा के क्षेत्र में लगातार सक्रिय है। संस्थान के प्रमुख कार्य निम्नलिखित हैं। संस्थान द्वारा विंध्य क्षेत्र के जंगलों, वन्यजीवों और प्राकृतिक जल स्रोतों के संरक्षण के लिए लगातार जागरूकता अभियान चलाए जाते हैं। सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक धरोहरों की रक्षा: जंगलों के भीतर छिपे प्राचीन शैलचित्रों, ऐतिहासिक मंदिरों और विलुप्त होती विरासतों को सहेजने और उन्हें पहचान दिलाने का कार्य संस्थान की प्राथमिकता में शामिल है। पर्यावरण के साथ-साथ यह संस्थान जरूरतमंदों की मदद, सामाजिक मुद्दों को उठाने और स्थानीय संस्कृति के संरक्षण के लिए भी जमीनी स्तर पर कार्य कर रहा है।
अनुज हनुमत के अन्य प्रमुख कार्य और उपलब्धियां
अनुज हनुमत और उनके सहयोगियों ने चित्रकूट के मानिकपुर सहित आस पास के क्षेत्र के जंगलों में पुरापाषाण काल के दुर्लभ प्राचीन शैलचित्रों तथा प्राचीन पाषाण उपकरणों के नए पैनलों की खोज कर क्षेत्र को राष्ट्रीय पटल पर पहचान दिलाई है। स्थानीय स्तर पर ग्रामीण मुद्दों और संस्कृति को मुखरता से उठाने वाले अनुज हनुमत प्रेस क्लब ऑफ यूपी, चित्रकूट के जिला अध्यक्ष के रूप में भी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। उनके सामाजिक योगदान को देखते हुए वर्ष 2020 में लखनऊ में आयोजित नेशनल यूथ फेस्टिवल में उन्हें 'यूथ आइकॉन' अवार्ड से भी नवाजा जा चुका है।
संरक्षण की मुहिम आगे भी रहेगी जारी
सम्मान प्राप्त करने के बाद अनुज हनुमत ने स्पष्ट किया कि चित्रकूट के जंगलों, प्राचीन शैलचित्रों और ऐतिहासिक-सांस्कृतिक विरासत को बचाने का उनका यह अभियान 'परहित सेवा संस्थान' के माध्यम से पूरी निष्ठा के साथ आगे भी जारी रहेगा। प्रकृति और पर्यावरण के महत्व को रेखांकित करते हुए सम्मान प्राप्त करने के बाद अनुज हनुमत ने कहा: “बाघ सिर्फ एक वन्यजीव नहीं, बल्कि पूरे पारिस्थितिकी तंत्र की सुरक्षा का प्रतीक है। बाघ सुरक्षित होंगे तो जंगल सुरक्षित रहेंगे, जंगल सुरक्षित होंगे तो नदियां और जल सुरक्षित रहेंगे।” इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर चित्रकूट के पर्यावरण प्रेमियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों में भारी हर्ष का माहौल है।


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