चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि : गौवंश संरक्षण के संबंध में शुक्रवार को जिलाधिकारी पुलकित गर्ग की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। जिसमें डीएम ने स्पष्ट किया कि कोई भी गौवंश खेतों या सड़कों पर विचरण करता नहीं दिखना चाहिए। शिकायत मिलने पर संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बैठक में डीएम ने समस्त खंड विकास अधिकारियों को निर्देश दिए कि वर्षा ऋतु के मद्देनजर गौशालाओं में कीचड़ और जलभराव की समस्या न उत्पन्न हो, इसके लिए पूर्व तैयारियां कर ली जाएं। उन्होंने आदेश दिए कि 23 जुलाई से पहले हर हाल में समस्त गौवंशों का संरक्षण कराते हुए गौशालाओं का नियमानुसार संचालन सुनिश्चित किया जाए। इसके बाद 24 और 25 जुलाई को समस्त नोडल अधिकारी सभी गौशालाओं का निरीक्षण करेंगे और निर्धारित प्रारूप पर अपनी
रिपोर्ट मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को उपलब्ध कराएंगे। साथ ही निरीक्षण में मिलने वाली कमियों को मुख्य पशु चिकित्साधिकारी संबंधित बीडीओ और उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी से समन्वय बनाकर तत्काल दूर कराएंगे। निर्देश दिए कि गौशालाओं में एकत्रित गोबर की खाद की बिक्री कर नियमानुसार प्राप्त धनराशि को गौशाला के खाते में जमा कराया जाए। इसके साथ ही किसी भी गौवंश की मृत्यु होने पर नियमानुसार समस्त औपचारिकताएं पूरी कर उसे गौशाला में ही दफनाया जाए। खंड विकास अधिकारियों और मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को निर्देश दिए कि प्रत्येक गौआश्रय स्थल के सीसीटीवी कैमरे कंट्रोल रूम से कनेक्ट होने चाहिए। प्रत्येक गौआश्रय स्थल की कड़ी निगरानी की जाए तथा कमी मिलने पर संबंधित को नोटिस देकर व्यवस्थाएं सुदृढ़ कराई जाएं। इस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी डी.पी. पाल, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी एसके पाण्डेय सहित सम्बन्धित अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।


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