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Friday, July 17, 2026

दबंगों ने दलितों के आवासीय पट्टों पर किया अवैध कब्जा

पैमाइश के बाद सफाई करने गए पीड़ितों को जातिसूचक शब्दों से अपमानित कर खदेड़ा

बांदा, के एस दुबे । जनपद के थाना मटौंध अंतर्गत ग्राम त्रिवेणी से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ अनुसूचित जाति के गरीब परिवारों के वैध आवासीय पट्टों पर गाँव के ही कुछ दबंगों द्वारा अवैध कब्जा करने और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगा है। इस संबंध में पीड़ितों ने जिलाधिकारी बांदा के माध्यम से माननीय मुख्यमंत्री को संबोधित एक सामूहिक प्रार्थना पत्र सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है। शिकायती पत्र के अनुसार, ग्राम त्रिवेणी परगना व तहसील बांदा के निवासी अनुसूचित जाति के अत्यंत गरीब परिवारों को शासनादेश के नियम संख्या 115 ठ (3) के तहत दिनांक 19 फरवरी 2011 को गाटा संख्या 974 मि. व 977 मि. में


आवासीय पट्टे आवंटित किए गए थे। पीड़ितों का आरोप है कि पट्टा आवंटन के बाद से ही गाँव के कुछ असामाजिक व दबंग तत्वों ने उन्हें कमजोर व दलित समझकर उनके पट्टों पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया था।

मामले में मोड़ तब आया जब उच्चाधिकारियों व तहसीलदार के आदेश पर दिनांक 11 जुलाई 2026 को हल्का लेखपाल, चकबंदी लेखपाल, सक्षम अधिकारियों और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम ने मौके पर जाकर पट्टों की पैमाइश की और चिन्हित पट्टों की जमीन को पट्टाधारकों के सुपुर्द करते हुए वहाँ उगी झाड़ियों को साफ करने के निर्देश दिए।

पीड़ितों का आरोप है कि जब वे अपने पट्टों की सफाई करने पहुंचे, तो गाँव के दबंगों सुरेश पाल, शिवरतन पाल, रामपाल, महेश्वरी दीन पाल, शिवबरन पाल, आनन्दी पाल, सुधीर पाल, रामविशाल पाल, शिवशरन भुर्जी, रमेश भुर्जी, महेश भुर्जी, हेतराम पाल, राम नरेश पाल, अवधेश पाल व उनकी घर की महिलाओं ने मिलकर पट्टाधारकों को लाठी-डंडों के बल पर वहाँ से खदेड़ दिया। आरोप है कि दबंगों ने पीड़ितों को सरेआम मां-बहन की भद्दी गालियां दीं, जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर अपमानित किया और कहा, हरिजनों... यहाँ तुम्हें कब्जा नहीं करने देंगे।

पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया गया है कि उक्त असामाजिक तत्व लगातार दंगा फसाद, बलवा और जानलेवा हमला करने की धमकियाँ दे रहे हैं। दबंगों द्वारा पीड़ितों को डराने के लिए यहाँ तक कहा गया कि वे अपने घर की महिलाओं और बच्चियों को आगे करके पीड़ितों पर धारा 376 (दुष्कर्म) व छेड़खानी जैसे संगीन झूठे मुकदमे दर्ज करा देंगे, चाहे इसके लिए उनकी जमीनें ही क्यों न बिक जाएँ। पीड़ितों ने बताया कि प्रशासन को गुमराह करने के लिए इन दबंगों ने बिना किसी कागजात और प्रमाणित दस्तावेजों के, गाँव के कुछ लोगों को भड़काकर 13 जुलाई 2026 को जिलाधिकारी कार्यालय में एक झूठा व तथ्यहीन प्रार्थना पत्र भी पेश किया है। पीड़ित पट्टाधारकों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि इस पूरे मामले को प्रथम दृष्टया संज्ञान में लेते हुए दबंगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए और उन्हें उनके आवंटित आवासीय पट्टों पर शांतिपूर्ण ढंग से कब्जा दिलाया जाए।


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