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Friday, July 17, 2026

बांदा में दिव्यांग छात्राओं के सपनों को लगेंगे पंख

योगी सरकार देगी मुफ्त ई-ट्राईसाइकिल, आवेदन प्रक्रिया शुरू

प्रत्येक विधानसभा सीट से 20-20 पात्र छात्राओं का चयन होगा

बांदा, के एस दुबे । बुंदेलखंड के विकास को नई धार देने और समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के संकल्प के साथ योगी सरकार ने एक और बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया है। चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के तहत बांदा जनपद की दिव्यांग छात्राओं को शिक्षा और आत्मनिर्भरता का एक अनोखा और अनमोल तोहफा मिलने जा रहा है। सरकार अब स्कूल, कॉलेज और तकनीकी ट्रेनिंग सेंटर जाने वाली दिव्यांग छात्राओं को आवागमन की असुविधा से मुक्ति दिलाने के लिए मुफ्त डिजिटल ई-ट्राईसाइकिल वितरित करने जा रही है। बांदा जिले में इसके लिए आवेदन की प्रक्रिया पूरी तेजी के साथ शुरू हो चुकी है। जिससे स्थानीय पात्र छात्राओं और उनके अभिभावकों में भारी उत्साह देखा जा रहा है।



विधानसभा वार होगा चयन, शिक्षा को मिलेगी नई रफ़्तार

योगी सरकार की इस दूरदर्शी योजना का लाभ सीधे तौर पर बांदा जनपद की हर विधानसभा सीट को मिलेगा। योजना के क्रियान्वयन के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो चुका है। तय गाइडलाइन के अनुसार, बांदा जिले की प्रत्येक विधानसभा सीट से 20-20 सबसे योग्य और पात्र दिव्यांग छात्राओं का चयन किया जाएगा। इस तरह जनपद में अब बेटियों के हाथों में जब यह आधुनिक ई-ट्राईसाइकिल आएगी तो उनके पैरों की बेड़ियां कट जाएंगी और उनकी पढ़ाई को एक नई रफ़्तार मिलेगी। जो बेटियां अब तक परिवहन के साधनों के अभाव या शारीरिक दिक्कतों के कारण कॉलेज जाने से कतराती थीं। वे अब शान से आत्मनिर्भर होकर अपनी उच्च शिक्षा पूरी कर सकेंगी।


16 वर्ष से अधिक आयु और बीपीएल परिवारों को मिलेगी वरीयता

दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के माध्यम से चलाई जा रही इस योजना में पारदर्शिता और सही हकदार तक मदद पहुंचाने का पूरा खाका तैयार किया गया है। योजना के अंतर्गत मुख्य रूप से 16 वर्ष से अधिक आयु की उन दिव्यांग छात्राओं को प्राथमिकता दी जा रही है जो गरीबी रेखा से नीचे के परिवारों से ताल्लुक रखती हैं। इसके साथ ही छात्रा का किसी मान्यता प्राप्त स्कूल, कॉलेज या व्यावसायिक प्रशिक्षण संस्थान में नियमित रूप से अध्ययनरत होना अनिवार्य है। इस कदम से गरीब और पिछड़े परिवारों की उन मेधावी बेटियों को सबसे बड़ा संबल मिलेगा जो विपरीत परिस्थितियों में भी पढ़ना चाहती हैं।


बेटियों के सशक्तिकरण में मील का पत्थर साबित होगी योजना

बांदा के लोगों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस संवेदनशील फैसले का स्वागत किया और कहा कि योगी सरकार की यह योजना केवल एक वाहन वितरण कार्यक्रम नहीं है बल्कि यह बुंदेलखंड की बेटियों के हौसलों को एक नई उड़ान देने का जरिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' के नारे को धरातल पर उतारते हुए यूपी की डबल इंजन सरकार ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि प्रदेश की हर बेटी की सुरक्षा, शिक्षा और सम्मान उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस मुफ्त ई-ट्राईसाइकिल से न सिर्फ छात्राओं का समय बचेगा बल्कि वे समाज की मुख्यधारा से जुड़कर देश के निर्माण में अपना योगदान दे सकेंगी।





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