बांदा, के एस दुबे । जनपद बांदा के बड़ोंखर खुर्द विकासखंड की ग्राम पंचायत चाहितारा में विकास कार्यों को लेकर ग्राम प्रधान और ग्राम सचिव पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। गांव के रहने वाले युवा समाजसेवी अरुण गुप्ता भोजवाल ने आरोप लगाया कि ग्राम पंचायत में विकास कार्यों के नाम पर सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है, जबकि ग्रामीण आज भी बदहाल रास्तों से आने-जाने को मजबूर हैं। अरुण गुप्ता भोजवाल के अनुसार, ग्राम प्रधान द्वारा कई स्थानों पर केवल पुराने खड़ंजे पर थोड़ी-बहुत गिट्टी व डस्ट डलवाकर लाखों रुपये के भुगतान दर्शा दिए गए। आरोप है कि कागजों में विकास कार्य पूरे दिखाकर सरकारी धन निकाल लिया गया, लेकिन जमीनी स्तर पर गांव की स्थिति जस की तस बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के दिनों में रास्तों पर दलदल हो जाता
है, जिससे लोगों को आवागमन में भारी परेशानी होती है। स्कूली बच्चों को विद्यालय पहुंचने में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। युवा समाजसेवी ने यह भी आरोप लगाया कि ग्राम पंचायत से संबंधित शिकायतों की जांच पिछले 18 महीनों से लंबित है। उनका दावा है कि जांच के दौरान मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, बांदा द्वारा लगभग 9 से 10 लाख रुपये की वित्तीय अनियमितता पाए जाने की बात सामने आई थी, लेकिन अब तक संबंधित अधिकारियों द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई। आरोप यह भी है कि शिकायत करने वाले ग्रामीणों को डराया-धमकाया जाता है तथा कार्रवाई न होने से लोगों में प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ रही है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और शासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई तथा ग्राम पंचायत में कराए गए विकास कार्यों का सामाजिक एवं वित्तीय ऑडिट कराने की मांग की है।


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