प्राकृतिक खेती, कृषि यंत्रीकरण और किसानों के प्रशिक्षण पर रहेगा विशेष फोकस
चित्रकूट, के एस दुबे : जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कलेक्टरेट सभागार में शनिवार को आत्मा (एटीएमए) गवर्निंग बोर्ड की बैठक आयोजित हुई। बैठक में वर्ष 2025-26 में संचालित कृषि योजनाओं की समीक्षा करते हुए वर्ष 2026-27 के लिए 170.14 लाख रुपये की जिला कृषि कार्ययोजना को स्वीकृति प्रदान की गई। बैठक में कृषि प्रसार कार्यक्रम, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन, पोषण मिशन, नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल, प्राकृतिक खेती, कृषि यंत्रीकरण, मिशन फॉर आत्मनिर्भर इन पल्सेस तथा भूमि संरक्षण विभाग की योजनाओं की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जिले के प्रगतिशील किसानों का चयन कर उन्हें सरसों अनुसंधान
केंद्र भरतपुर, गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय पंतनगर, सब्जी अनुसंधान केंद्र वाराणसी तथा दलहन अनुसंधान केंद्र कानपुर में प्रशिक्षण एवं अध्ययन भ्रमण कराया जाए। उन्होंने फसल प्रदर्शन, फार्म स्कूल, किसान वैज्ञानिक संवाद, किसान गोष्ठियों और समूह गठन जैसे कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से संचालित करने पर भी जोर दिया। बैठक में बताया गया कि जिले में अरहर की खेती का रकबा पिछले वर्ष की तुलना में 10 हजार हेक्टेयर से अधिक बढ़ा है। इसी प्रकार तिल की खेती का क्षेत्रफल भी पिछले वर्ष की अपेक्षा लगभग दोगुना हो चुका है। प्राकृतिक खेती योजना के अंतर्गत कृषि सखियों एवं बीआरसी के चयन को भी स्वीकृति दी गई। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों, वैज्ञानिकों, बैंक प्रतिनिधियों एवं प्रगतिशील किसानों ने भाग लेकर कृषि विकास से जुड़े सुझाव दिए। इस मौके पर उप कृषि निदेशक जीत लाल गुप्ता आदि मौजूद रहे।


No comments:
Post a Comment