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Saturday, August 1, 2026

सेंट मेरी स्कूल के बाहर रोजाना जाम से शहर बेहाल, मामला स्थायी लोक अदालत पहुंचा

बांदा, के एस दुबे । शहर के सेंट मेरी सीनियर सेकेंडरी स्कूल के बाहर छुट्टी के समय लगने वाला भीषण जाम अब गंभीर प्रशासनिक मुद्दा बन गया है। इस समस्या को लेकर पांच नागरिकों ने स्थायी लोक अदालत में शिकायत वाद दायर किया है। शिकायत में जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, यातायात पुलिस, शिक्षा विभाग, परिवहन विभाग और स्कूल प्रबंधन को पक्षकार बनाया गया है।


शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि वर्षों से स्कूल के बाहर ट्रैफिक व्यवस्था चरमराई हुई है। छुट्टी के समय मुख्य मार्ग पर लंबा जाम लग जाता है, जिससे सैकड़ों छात्र-छात्राएं, अभिभावक और राहगीर परेशान होते हैं। उनका कहना है कि प्रशासन और स्कूल प्रबंधन को कई बार अवगत कराने के बावजूद अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया।

जाम के बीच मारपीट, दोनों पक्षों पर मुकदमा

शुक्रवार को स्कूल के बाहर जाम के दौरान बच्चों को लेने आए दो परिवारों के बीच विवाद हो गया, जो मारपीट में बदल गया। पुलिस ने दोनों पक्षों की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि यदि ट्रैफिक व्यवस्था बेहतर होती तो ऐसी घटना टाली जा सकती थी।

बारिश में बच्चे घंटों फंसे रहने का भी आरोप

वाद में उल्लेख किया गया है कि 21 जून 2026 को बारिश के दौरान भीषण जाम में कई बच्चे लंबे समय तक फंसे रहे, जिससे कुछ बच्चों की तबीयत भी बिगड़ गई। इसके बावजूद प्रशासन और संबंधित विभागों ने समस्या के समाधान के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए।

स्कूल प्रबंधन पर भी सवाल

शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि स्कूल प्रबंधन ने अभिभावकों के वाहनों के लिए पर्याप्त पार्किंग और सुव्यवस्थित पिक-अप व्यवस्था विकसित नहीं की, जिससे हर रोज सड़क पर अव्यवस्था की स्थिति बन जाती है।


शहर के अन्य स्कूलों के बाहर भी यही हाल

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह समस्या केवल सेंट मेरी स्कूल तक सीमित नहीं है। शहर के कई बड़े विद्यालयों के बाहर छुट्टी के समय जाम की स्थिति बनती है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब प्रशासन को इसकी जानकारी है तो अब तक शहर के विद्यालयों के लिए समग्र ट्रैफिक प्रबंधन योजना क्यों नहीं बनाई गई। अब मामला स्थायी लोक अदालत पहुंचने के बाद लोगों की निगाहें जिला प्रशासन, पुलिस और संबंधित विभागों की कार्रवाई पर टिकी हैं। नागरिकों का कहना है कि यदि जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना या अप्रिय घटना से इनकार नहीं किया जा सकता।





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