बांदा, के एस दुबे । पिछले एक महीने से हो रही मूसलाधार बारिश गरीबों और किसानों के लिए आफत बन गई है। बारिश का सबसे ज्यादा असर ग्रामीण इलाकों में देखने को मिल रहा है, जहां कच्चे मकान गिरने से लोगों के सिर से छत छिन गई है। राहत की उम्मीद में ग्रामीण लगातार अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं। आज नरैनी तहसील के ग्राम जरर से करीब आधा सैकड़ा ग्रामीण जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और मकान गिरने के बाद छत और भोजन की व्यवस्था कराने की गुहार लगाई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बारिश से होने वाले नुकसान का तत्काल संज्ञान लेते हुए प्रभावित लोगों को राहत उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि जमीनी स्तर पर जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही के चलते उन्हें समय से राहत नहीं मिल पा रही है।
नरैनी तहसील के ग्राम जरर से आए करीब आधा सैकड़ा ग्रामीणों ने बताया कि पिछले डेढ़ महीने से लगातार हो रही बारिश के कारण उनके कच्चे मकान गिर गए हैं। घर ढहने के बाद परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। महिलाओं और बच्चों को रात दरवाजे या आसपास सुरक्षित स्थानों पर गुजारनी पड़ रही है। ग्रामीणों राजाभैया मिश्रा जगत यादव मुन्नी के मुताबिक घर का सामान भी सुरक्षित रखने के लिए दूसरे ग्रामीणों के घरों में रखना पड़ा है। खाने-पीने की समस्या भी सामने खड़ी है। ऐसे में ग्रामीणों के सामने बड़ा सवाल है कि आखिर वे जाएं तो जाएं कहां। इसी समस्या को लेकर लाचार महिलाएं और पुरुष आज जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और डीएम से तत्काल राहत दिलाने की गुहार लगाई। अब देखना होगा कि प्रशासन इन प्रभावित परिवारों को कब तक राहत उपलब्ध कराता है।


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