चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि : जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से पॉक्सो एक्ट-2012 के प्रावधानों और कानूनी परिणामों को लेकर सोमवार को जिले के विभिन्न विद्यालयों में विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। जिला जज एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण शेषमणि शुक्ला के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रमों में करीब 520 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। चित्रकूट इण्टर कॉलिज कर्वी में अपर जिला जज प्रथम राहुल मिश्रा ने बताया कि पॉक्सो कानून 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को यौन उत्पीड़न, शोषण और पोर्नोग्राफी जैसे अपराधों से संरक्षण देता है। उन्होंने इसे लिंग-तटस्थ कानून बताते हुए बच्चों को किसी भी घटना की जानकारी बिना भय के देने के लिए प्रेरित किया। राजकीय बालिका इण्टर कॉलिज में विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट गीता सिंह ने शिक्षकों और
अभिभावकों की भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने विद्यालय प्रशासन से आग्रह किया कि वह बच्चों के लिए एक सुरक्षित और भरोसेमंद वातावरण सुनिश्चित करें जहाँ वे बिना किसी डर के अपनी समस्याएं साझा कर सकें। जेएम इण्टर कालिज में अपर जिला जज राममणि पाठक ने सुरक्षित-असुरक्षित स्पर्श, बाल विवाह, साइबर उत्पीड़न, सोशल मीडिया के सुरक्षित प्रयोग और शिकायत प्रक्रिया की जानकारी दी। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट रेनू मिश्रा ने बच्चों के अधिकार और कानूनी सहायता के प्रावधान बताए। वहीं वैजनाथ भारद्वाज विद्या मंदिर इण्टर कालिज में सिविल जज एस. आनंद ने बताया कि 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों की सहमति का कानून में विधिक महत्व नहीं है। अपराध की प्रकृति और परिस्थितियों के आधार पर दोषी के खिलाफ सजा प्रावधान है। कार्यक्रमों में लीगल एड डिफेंस काउंसिल के अधिवक्ता, पैरालीगल वालंटियर और विद्यार्थी उपस्थित रहे।


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