चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि : सर्किट हाउस में सोमवार को संस्कृत भारती की जनपद स्तरीय संगोष्ठी आयोजित हुई। इसमें संस्कृत के प्रचार-प्रसार और संगठन को मजबूत करने पर मंथन किया गया। अखिल भारतीय अभिलेखागार प्रमुख हुलास ने संस्कृत शिक्षकों, विद्यार्थियों और समाज के लोगों से संस्कृत को जन-जन तक पहुंचाने में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया। उन्होंने संगठन की कार्यपद्धति और नीति-रीति की जानकारी दी। क्षेत्र संगठन मंत्री पूर्वी उत्तर प्रदेश प्रमोद पंडित ने संस्कृत में निहित ज्ञान-विज्ञान और इसके प्रचार-प्रसार के लिए संचालित विभिन्न प्रकल्पों की जानकारी दी। इनमें गीता शिक्षण केंद्र, साप्ताहिक मिलन, बाल केंद्र, प्रबोधन वर्ग और प्रशिक्षण वर्ग प्रमुख रहे। अनुरंजना ने कठपुतली नृत्य के माध्यम से संस्कृत भारती की स्थापना एवं कार्यों की जानकारी दी। इस दौरान प्रांत मंत्री
डॉ. रत्नेश त्रिवेदी ने जनपद में संगठनात्मक विस्तार के लिए दायित्वों की घोषणा की। जिसमें डॉ. मनोज द्विवेदी को अध्यक्ष, डॉ. रघुवंश भूषण पाण्डेय को उपाध्यक्ष, ब्रजेश त्रिपाठी को मंत्री, नरेंद्र कुमार मिश्र को शिक्षण प्रमुख, वेद प्रकाश पाण्डेय को कार्यालय प्रमुख, दिवाकर गर्ग को प्रचार प्रमुख और अखिलेश पयासी को साहित्य प्रमुख बनाया गया। इसी प्रकार सच्चिदानंद शुक्ल को कोष प्रमुख, माधवेश दीक्षित को शालेय विद्यार्थी प्रमुख, संजय शुक्ल को महाविद्यालय कार्य प्रमुख, डॉ. माधुरी यादव को बाल केंद्र प्रमुख, डॉ. मूलचंद्र द्विवेदी को पत्राचार शिक्षण योजना प्रमुख, डॉ. सनत द्विवेदी को विद्वत परिषद प्रमुख, पुरुषोत्तम प्रजापति को संपर्क प्रमुख और अरविंद कुमार शुक्ल को नगर संयोजक बनाया गया। इस मौके पर डॉ. प्रदीप शुक्ल, डॉ. शिवशंकर त्रिपाठी, डॉ. रेखा त्रिपाठी, अशोक गुप्ता, रुचि पांडेय, वेदार्थ सहित विद्वान व कार्यकर्ता मौजूद रहे।


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