चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि : कलेक्टरेट सभागार में गुरुवार को जिलाधिकारी पुलकित गर्ग की अध्यक्षता में डिस्ट्रिक्ट कन्वर्जेंस प्लान कमेटी (डीएनसी) और जिला पोषण समिति की समीक्षा बैठक हुई। जिसमें डीएम ने कहा कि सुपोषित चित्रकूट उनकी प्राथमिकता है। बैठक में आंगनबाड़ी केंद्रों के सुदृढ़ीकरण और कुपोषण उन्मूलन के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में जिलाधिकारी ने बताया कि बच्चों की ऊंचाई की सही निगरानी के लिए शासन स्तर से 975 स्टेडियोमीटर उपलब्ध कराए गए हैं। इससे जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्र वृद्धि निगरानी उपकरणों से लैस होंगे। साथ ही 372 आंगनबाड़ी केंद्रों का कायाकल्प कराया जाएगा। सभी केंद्रों को विभागीय भवन अथवा प्राथमिक विद्यालयों के परिसर में संचालित कराने के निर्देश दिए गए। निर्माणाधीन आंगनबाड़ी केंद्रों में देरी पर डीएम ने सख्त रुख अपनाते हुए समय से काम पूरा नहीं करने वाले ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने और संबंधित कार्यदायी संस्था के अवर अभियंता के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। सीडीओ डीपी पाल को इसकी नियमित निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई।
आंगनबाड़ी केंद्रों में पेयजल और शौचालय निर्माण जल्द पूरा कराने तथा तीन दिन में प्रगति रिपोर्ट देने को कहा गया। संभव अभियान में डीपीओ और सीएमओ के समन्वय की सराहना करते हुए चित्रकूट को प्रदेश में प्रथम स्थान पर लाने के लिए प्रयास करने के निर्देश दिए। पोषण वाटिका के लिए उद्यान विभाग बीज और फलदार पौधे उपलब्ध कराएगा। बैठक में डीपीओ अरुण कुमार पाण्डेय, सीएमओ डॉ. महेंद्र कुमार त्रिपाठी, एडीएम स्वप्निल यादव, डीपीआरओ देवेंद्र सिंह, एसीएमओ डॉ. महेंद्र जतारिया, उपायुक्त (ग्रामीण आजीविका) सुखराज बंधु, जिला उद्यान अधिकारी प्रतिभा पाण्डेय, सूचनाधिकारी सुरेंद्र कुमार, अपर सांख्यिकी अधिकारी राजेश कुमार मिश्रा आदि मौजूद रहे।


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