जिला अस्पताल में मिले 2 नए पॉजिटिव केस - Amja Bharat

Amja Bharat

All Media and Journalist Association

Breaking

Thursday, October 29, 2026

जिला अस्पताल में मिले 2 नए पॉजिटिव केस

स्वास्थ्य विभाग ने तेज की निरोधात्मक कार्रवाई

बांदा, के एस दुबे । जनपद में डेंगू के मामलों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, आज दिनांक 29 अक्टूबर को जिला अस्पताल बांदा में 02 नए डेंगू पॉजिटिव केस रिपोर्ट किए गए हैं। इसके साथ ही, जनवरी 2026 से लेकर आज तक जिले में कुल 60 डेंगू धनात्मक केस सामने आ चुके हैं। संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह मुस्तैद है और युद्धस्तर पर निरोधात्मक एवं बचावत्मक कार्य किए जा रहे हैं।जिला मलेरिया अधिकारी की टीम और ब्लॉक स्तरीय टीम द्वारा आज शहरी क्षेत्र के कालू कुआं और धीरज नगर में विशेष अभियान चलाया गया।


 मच्छर जनित स्थिति पैदा करने के मामले में 1 संबंधित व्यक्ति को नोटिस जारी किया गया। स्वास्थ्य टीम द्वारा जलभराव वाले स्थानों पर लार्वा निरोधक दवा का छिड़काव किया गया, जबकि ग्राम खम्हौरा में पैराथ्रम टेक्निकल दवा का छिड़काव हुआ। नगर पालिका परिषद बांदा के सहयोग से प्रमुख क्षेत्रों में फॉगिंग और साफ-सफाई का कार्य कराया गया। साथ ही, पंपलेट्स वितरित कर लोगों को जागरूक किया गया। विशेष टीम में डेंगू, मलेरिया और अन्य संचारी रोगों की रोकथाम में जुटी 8 सदस्यीय स्वास्थ्य टीम में बल्दू, अनुराग द्विवेदी, राम देव कुशवंशी, प्रभात, प्रमोद अवस्थी, विकास, रमेश कुमार, अवधेश और आलोक कुमार शामिल रहे। निजी पैथोलॉजी के लिए दरें तयरू शासन द्वारा प्राइवेट पैथोलॉजी एवं संस्थानों में डेंगू जांच हेतु 500 की धनराशि निर्धारित की गई है। 

यदि कोई भी लैब निर्धारित दर से अधिक शुल्क वसूलती है, तो इसकी सूचना तुरंत मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय को दें, ताकि संबंधित के खिलाफ कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की जा सके।सामान्य बुखार होने पर तुरंत नजदीकी राजकीय चिकित्सालय, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र  या सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जाकर रक्त की जांच और डॉक्टर से उपचार कराएं।घर के कूलर, बाल्टी, घड़े और ड्रम का पानी हर हफ्ते नियमित रूप से बदलते रहें।घर के आसपास और गड्ढों में पानी एकत्रित न होने दें। पानी भरने की स्थिति में मिट्टी से भर दें या जले हुए मोबिल ऑयल की कुछ बूंदें डाल दें। सोते समय हमेशा मच्छरदानी का प्रयोग करें। शरीर के खुले अंगों पर मच्छर निरोधक क्रीम, नीम या सरसों के तेल का लेप लगाएं। घर के आसपास, छत या आंगन में पड़े पुराने बर्तनों, टायरों, कूलरों, फूलदानों और गमलों में पानी इकट्ठा न होने दें। कचरा जमा न होने दें।घर में यदि कोई बुखार का मरीज है, तो उसे बिना मच्छरदानी के बिल्कुल न रहने दें। ऐसे मरीज की देखभाल जालीदार खिड़की-दरवाजे वाले कमरे में करें।बिना चिकित्सक की सलाह के किसी भी प्रकार की दवा का सेवन न करें और कभी भी खाली पेट दवा न खाएं।




No comments:

Post a Comment

Post Bottom Ad

Pages