5 माह की गर्भवती के पेट से निकाली 2 किलो की गांठ
बांदा, के एस दुबे । रानी दुर्गावती राजकीय मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों ने चिकित्सा जगत में एक और सराहनीय सफलता हासिल की है। कॉलेज के डॉक्टरों ने एक गरीब मजदूर की 5 माह की गर्भवती पत्नी के अंडाशय में पनप रही 2 किलो वजनी एक विशाल गांठ को जटिल ऑपरेशन कर सफलतापूर्वक बाहर निकाल लिया है। इस सफल सर्जरी से जच्चा और बच्चा दोनों की जान सुरक्षित बच गई है। अतर्रा क्षेत्र के सुखारी पुरवा निवासी मजदूर बृजेश कुमार की 24 वर्षीय पत्नी सपना 5 माह की गर्भवती हैं। कुछ दिनों पूर्व उनके पेट में अचानक असहनीय दर्द शुरू हुआ। शनिवार को पति उन्हें रानी दुर्गावती राजकीय मेडिकल कॉलेज लेकर पहुँचा। यहाँ स्त्री रोग विशेषज्ञ
असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. के. सुषमा ने जब उनकी जांच कराई, तो पता चला कि गर्भाशय से सटे हुए अंडाशय में एक बहुत बड़ी गांठ विकसित हो रही है, जिससे गर्भ में पल रहे शिशु के विकास में गंभीर बाधा आ रही थी और गर्भाशय पर अत्यधिक दबाव के कारण माँ और बच्चे दोनों की जान को बड़ा खतरा पैदा हो गया था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डॉ. के. सुषमा ने अपनी विशेषज्ञ टीम के साथ बुधवार को लगभग एक घंटे तक चले जटिल ऑपरेशन के बाद 2 किलो भारी गांठ को सफलतापर्वक बाहर निकाल लिया।
इस कठिन ऑपरेशन के दौरान गर्भ में पल रहे शिशु या गर्भाशय को किसी भी प्रकार का नुकसान नहीं पहुँचा। फिलहाल जच्चा और गर्भस्थ शिशु दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं और सपना मेडिकल कॉलेज में ही भर्ती हैं। बेहद कम सरकारी शुल्क पर अपनी पत्नी और होने वाले बच्चे का इतना बड़ा और सफल ऑपरेशन होने पर गरीब मजदूर बृजेश की आँखें खुशी के आंसुओं से भर आईं। उन्होंने मेडिकल कॉलेज प्रशासन और डॉक्टरों के प्रति आभार व्यक्त किया। मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. कौशल ने इस जटिल एवं सफल ऑपरेशन के लिए डॉ. सुषमा और उनकी पूरी टीम की जमकर सराहना की है। इस सफल ऑपरेशन में निम्नलिखित चिकित्सक एवं नर्सिंग स्टाफ शामिल रहे।स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. के. सुषमा, सर्जरी विभाग की एसआर डॉ. श्वेता, जेआर डॉ. साहिला,एनेस्थिसिया विभाग डॉ. पंकज सिंह, एसआर डॉ. कौशल, डॉ. मयूर, जेआर डॉ. साहिबा,ऑपरेशन थिएटर स्टाफ श्रुति एवं ऋचा।


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