बेसिक शिक्षा अधिकारी को सौंपा 18 सूत्रीय ज्ञापन
बांदा, के एस दुबे । उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने सोमवार को प्रांतीय नेतृत्व के आवाहन पर पुरानी पेंशन सहित 18 सूत्रीय मांगों को लेकर धरना दिया और बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रिंसी मौर्य को ज्ञापन सौंपा। कहा गया कि शिक्षकों से गैर शैक्षणिक एवं अनावश्यक कार्य न कराए जाएं, शिक्षकों को केवल शिक्षण कार्य करने दिया जाए और बुढ़ापे को सुव्यवस्थित करते हुए पुरानी पेंशन दे दी जाए तो बेसिक शिक्षा विभाग में आमूलचूल परिवर्तन आ जायेगा।
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| धरना प्रदर्शन के दौरान मौजूद शिक्षक और संबोधित करते जिलाध्यक्ष आशुतोष त्रिपाठी |
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ जिलाध्यक्ष आशुतोष त्रिपाठी ने कहा कि प्रमुख मांगों में पुरानी पेंशन बहाल करना, राज्य कर्मचारियों की भांति कैशलेश चिकित्सा, प्रत्येक विद्यालय में प्रधानाध्यापक, राज्य कर्मचारियों की भांति द्वितीय शनिवार अवकाश व अध्ययन अवकाश तथा प्रतिकर अवकाश देय हो, नियमानुसार प्रत्येक शिक्षक को प्रोन्नत वेतनमान स्वीकृत किया जाए, प्रत्येक शिक्षक का कम से कम 10 लाख का सामूहिक बीमा किया जाए, अंतर्जनपदीय और जनपदीय स्थानांतरण की न्यूनतम सेवा अवधि समाप्त की जाए, एक अप्रैल 2004 के पूर्व चयनित और एक अप्रैल 2005 के बाद नियुक्त शिक्षकों को भारत सरकार की भांति पुरानी पेंशन प्रदान की जाए। सभी
2008 के बाद पदोन्नति प्राप्त शिक्षकों को 17140 का लाभ दिया जाए। शिक्षकों की पदोन्नति, स्थानांतरण का अधिकार बीएसए को दिया जाए। बेसिक के विद्यालयों के शैक्षिक घंटे माध्यमिक विभाग और उच्च शिक्षा विभाग की तरह करते हुए ग्रीष्म काल में विद्यालयों का समय साढ़े सात से साढ़े बारह किया जाए। बिना प्रशिक्षण, बिना साधन उपलब्ध आनलाइन कार्य नही कराया जाए,गैर शैक्षणिक कार्य से मुक्ति, प्रत्येक विद्यालय में एक चतुर्थ श्रेणी की नियुक्ति की जाए। दिव्यांग शिक्षकों को नवीन भत्ता आदेश निर्गत किया जाए। मृतक आश्रित में योग्यतानुसार नियुक्ति के लिए स्पष्ट निर्देश जारी किए जाएं और पदोन्नति के लिए ग्रेड पे 4800,5400 प्रदान किया जाए। धरने को संबोधित करते हुए संघ के जिला मंत्री प्रजीत सिंह ने कहा कि अगर मांगो पर ध्यान नहीं दिया जाता है तो आने वाले समय में संघर्ष का स्वरूप बड़ा किया जायेगा। संयुक्त मंत्री जय दीक्षित ने कहा कि संघर्ष से प्रत्येक चीज प्राप्त की जा सकती है। हमे विश्वास है कि इस धरने की जानकारी होने पर मुख्यमंत्री हमारी मांगों को मानेंगे। वरिष्ठ उपाध्यक्ष रमाशंकर यादव ने कहा कि बच्चों का नामांकन बढ़ता है तो सरकार अपनी पीठ थपथपाती है और अगर घटता है तो अध्यापकों पर कार्यवाही होती है। धरने को जिला कोषाध्यक्ष रामसुफल कश्यप, तहसील प्रभारी सदर रमेश सिंह पटेल, अंजना तिवारी, नरेंद्र सोनी, सुशील मिश्रा, रजनी जैन, पूनम यादव, निकहत रसीद, इदरीश मोहम्मद, राजवीर सिंह, छोटे बाबू प्रजापति, अशोक अग्निहोत्री, शिवसागर साहू, राजेश तिवारी, देवेश स्वरूप निगम, विनय प्रताप सिंह, बृज किशोर अग्निहोत्री, श्रीधर गुप्ता, संजय कुमार, शिवकुमार पांडे, सुधीर श्रीमाली, धर्मेश मिश्रा आदि ने संबोधित किया। संचालन ब्लाक अध्यक्ष तिंदवारी हरवंश श्रीवास्तव ने किया।



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