बबेरू, के एस दुबे । कस्बे के मां मढ़ीदाई मंदिर में चल रहे श्रीमद् भागवत कथा के चौथे दिन दिन पहलाद चरित्र समुद्र मंथन आदि की लीलाओं का वर्णन करते हुए कथा व्यास ने कहा कि धर्म की स्थापना एवं भक्तो के कष्ट हरण के लिए प्रभु का अवतरण होता है। कथावाचक पंडित राजेंद्र शास्त्री ने श्रद्धालुओं को कथा व श्रवण करते हुए कहा कि धर्म की
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| कथा का बखान करते पंडित राजेंद्र शास्त्री |
स्थापना के लिए प्रभु का अवतार होता है जिसमें प्रहलाद चरित्र समुद्र मंथन की कथा का श्रवण श्रद्धालुओं को कराया धर्म की स्थापना एवं भक्तो के कष्ट हरण के लिए होता है कथा के माध्यम से श्री राम जन्म श्रीकृष्ण की सुन्दर लीलाओ का वर्णन किया परीक्षित के रूप मे कल्लू राम गुप्ता रहे 28 अक्टूबर सोमवार को हवन पूजन कन्या भोज व विशाल भंडारा सम्पन्न होगा भारी संख्या मे महिलाओ पुरुषो ने कथा का श्रवण किया। कहा कि जब-जब धरती
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| कथा श्रवण करते हुए श्रद्धालु |
पर धर्म की हानि होती है तो धर्म की स्थापना के लिए भगवान किसी न किसी रूप में अवतरित होते हैं। उन्होंने कहा कि अपने भक्तों का कष्ट हरण करने के लिए धरती पर प्रभु का अवतरित होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि निर्बल को सताना नहीं चाहिए।



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