बेटियाँ गढ़ रहीं अपनी पहचान
स्कूल में खिली रचनात्मकता की बगिया
चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि । राजकीय हाईस्कूल सिरावल इन दिनों ग्रीष्म की तपती दोपहरों में भी सृजन, ऊर्जा और उत्साह से सराबोर है। सुबह 7 बजे से 10 बजे तक चल रहे समर कैंप ने स्कूल परिसर को रचनात्मक गतिविधियों का जीवंत मंच बना दिया है, जहां छात्राएं योगाभ्यास और व्यायाम से दिन की शुरुआत कर रही हैं और फिर चित्रकला, पेपर कैशे, लोकगीत, नाटक, म्यूजिकल चेयर और रस्साकशी जैसी गतिविधियों में पूरे जोश से भाग ले रही हैं। यह समर कैंप न सिर्फ मनोरंजन का माध्यम बना है, बल्कि छात्राओं के व्यक्तित्व विकास और सृजनशीलता को भी नई उड़ान दे रहा है। प्रधानाचार्या डॉ मोनिका यादव ने बताया कि समर कैंप में छात्राओं को पेपर कैशे व चित्रकला की बारीकियां सिखाई जा रही हैं। साथ ही पर्यावरण के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए विद्यालय परिसर में मोनिका गार्डन विकसित किया गया है, जिसे सैकड़ों फूलदार और फलदार पौधों से
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| चित्रकला, योग और रंगोली में निखर रही बेटियाँ, समर कैंप बना संस्कार व सृजन का संगम |
सजाया गया है। इस कार्य में स्कूल की शिक्षिकाएं और छात्र-छात्राएं मिलकर भागीदारी निभा रहे हैं। डॉ यादव ने बताया कि छात्राओं ने न केवल रंगोली में अपनी अद्भुत प्रतिभा दिखाई, बल्कि सांस्कृतिक गतिविधियों में भी वह पूरे उत्साह से आगे आई हैं। समर कैंप को जीवंत और प्रभावी बनाने में सहायक शिक्षिका श्रीमती अंकिता पाण्डेय का विशेष योगदान रहा है। उन्होंने बच्चों को गतिविधियों की बारीकियों से परिचित कराया और उनके मार्गदर्शन में छात्राओं ने एक से बढ़कर एक रंगोली बनाई, जो स्कूल परिसर को रंगों की सुंदरता से भर रही है। डॉ मोनिका यादव और श्रीमती अंकिता पाण्डेय ने शिक्षिका के साथ-साथ खेल शिक्षिका की भूमिका भी निभाई और हर गतिविधि में बच्चों को न केवल प्रेरित किया, बल्कि उनके साथ सहभागी बनकर उदाहरण प्रस्तुत किया।


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