स्वावलंबन, सुरक्षा व स्वास्थ्य पर एक साथ चोट
सेवाएं पाई गईं संतोषजनक
चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि । राज्य महिला आयोग उत्तर प्रदेश की सदस्य श्रीमती प्रतिभा कुशवाहा ने अपने द्वितीय प्रवास दिवस पर चित्रकूट में प्रशासनिक और सामाजिक व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण कर सबको चौंका दिया। सुबह 9 बजे जिला प्रोबेशन अधिकारी पंकज कुमार मिश्रा की उपस्थिति में सबसे पहले जिला कारागार रगोली का निरीक्षण किया गया, जहां महिला बैरक की व्यवस्था संतोषजनक पाई गई। जेल में क्रेच, सप्ताह में एक बार पीसीओ से घरवालों से बात करने की सुविधा और अनपढ़ महिला कैदियों को वनागना एनजीओ द्वारा हस्ताक्षर करना, पेंटिंग सिखाने की व्यवस्था सराहनीय रही। निरीक्षण में यह तथ्य भी सामने आया कि अधिकांश महिलाएं दहेज उत्पीड़न के मामलों में बंद हैं। भोजन की व्यवस्था पुरुष जेल की पाठशाला से की जा रही है। मैडम ने महिला बंदियों के लिए सेनेटरी पैड डिस्ट्रॉय मशीन तथा स्टडी स्मार्ट बोर्ड जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसके बाद कसहई स्थित आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण किया, जहां आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों से संवाद कर महिलाओं की सुरक्षा, आत्मनिर्भरता और उनकी समस्याओं के बारे में विस्तार से जाना। फिर शिवरामपुर के
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| आरसेटी दौरे में कर्मचारियों के साथ महिला आयोग सदस्य |
आरसेटी में चल रहे कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम का जायजा लिया, जहां प्रशिक्षण प्राप्त कर रही बालिकाओं को प्रोत्साहित करते हुए ब्यूटीशियन कोर्स से जुड़ी छात्राओं को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। इसके पश्चात संयुक्त जिला अस्पताल का निरीक्षण किया गया, जिसमें पीएनसी वार्ड, महिला वार्ड, जच्चा-बच्चा वार्ड और इमरजेंसी वार्ड शामिल रहे। व्यवस्थाएं पूर्व निरीक्षण की तुलना में बेहतर पाई गईं, लेकिन मैडम ने साफ-सफाई और मरीजों की सुविधाओं के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए। आकांक्षा कैंटीन में एनआरएलएम समूह की महिला मानती देवी से मुलाकात कर उन्होंने महिला समूहों की भूमिका की सराहना की, साथ ही आकांक्षा स्टोर में सफाई व्यवस्था सुधारने के निर्देश भी दिए। अंतिम पड़ाव रहा वन स्टॉप सेंटर गढी़वा, जहां सभी व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित पाई गईं। इसमें सभी स्थलों पर संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे और निरीक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाई।


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