कानपुर, प्रदीप शर्मा - चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के शाकभाजी अनुभाग कल्याणपुर पर यूनिडो जापान द्वारा प्रायोजित आईमेक हाइड्रोपोनिक्स उत्पादन प्रणाली विषय पर तीन दिवसीय व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम के दूसरे बैच का शुभारंभ सोमवार को किया गया जिसकी अध्यक्षता डॉ राजेश कुमार, निदेशक भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान वाराणसी द्वारा वर्चुअली की गई। इस अवसर पर डॉ राजेश कुमार ने बताया कि जापान में विकसित आईमेक तकनीक कृषि आधारित उद्यमिता विकास करने में सहायक होगी। इस तकनीक में प्राकृतिक संसाधनों का न्याय संगत प्रयोग होता है।जिससे यह तकनीक पर्यावरण अनुकूल है। उन्होंने संरक्षण खेती को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि मिट्टी रहित माध्यम में सब्जी उत्पादन करने से उच्च गुणवत्ता युक्त उत्पाद तैयार होगा तथा सब्जियों का पोषक मूल्य भी अधिक होगा। कार्यक्रम में सोरू हीरात्सुका,
यूनिडो, जापान द्वारा बताया गया कि प्रशिक्षण के माध्यम से उद्यमियों, किसानों तथा शोध छात्रों का कौशल विकास किया जाएगा जो रोजगार सृजन में सहायक होगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम के कोर्स निदेशक डॉ पी के सिंह द्वारा कहा गया कि जापानी तकनीक आईमेक का प्रयोग कर पारंपरिक हाइड्रोपोनिक प्रणाली की तुलना में 90% तक पानी की बचत की जा सकती है। शाकभाजी अनुभाग के प्रभारी डॉ केशव आर्य ने कहा कि आईमेक तकनीक को समस्या ग्रस्त मिट्टियों तथा रेतीली भूमियों में भी प्रयोग किया जा सकता है। कार्यक्रम के कोर्स समन्वयक डॉ राजीव ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए बताया कि तीन दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न शोध संस्थानों के विषय विशेषज्ञाओं द्वारा हाइड्रोपोनिक्स प्रणाली से संबंधित तकनीकी जानकारी दी जाएगी। कार्यक्रम में डॉ हिरोशी योशिओका, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, डॉ सुशील यामाहामोतो, जापान डेवलपमेंट कॉरपोरेशन, डॉ वी के त्रिपाठी अधिष्ठाता उद्यान संकाय उपस्थित रहे। कार्यक्रम में प्रशिक्षणार्थियों के रूप में 6 उद्यमी, 20 प्रगतिशील किसान तथा 11 शोध छात्र-छात्राओं द्वारा प्रतिभाग किया गया।


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