विधिक साक्षरता शिविर आयोजित
स्वच्छता, स्वास्थ्य व विधिक सहायता को दिए निर्देश
चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि । उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ से प्राप्त एक्शन प्लान के अनुक्रम एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण चित्रकूट के अध्यक्ष/जिला जज राकेश कुमार त्रिपाठी के मार्गदर्शन में सचिव श्रीमती वर्णिका शुक्ला ने मंगलवार को जिला कारागार चित्रकूट का निरीक्षण कर विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। निरीक्षण में महिला बैरक की स्थिति चिंताजनक पाई गई। शौचालयों में अत्यधिक गंदगी व गीजर से पानी टपकने की स्थिति सामने आई, जिससे संक्रामक रोग फैलने की आशंका व्यक्त की गई। इस पर जेल अधीक्षक को निर्देशित किया कि महिलाओं एवं उनके साथ रह रहे बच्चों के भोजन, कौशल विकास प्रशिक्षण और परिसर की पूर्ण स्वच्छता व्यवस्था सुनिश्चित करें। इसी क्रम में जिला कारागार के चिकित्सालय का निरीक्षण किया गया, जिसमें 12 बंदी भर्ती पाए गए। इनमें 3 बंदी टीबी, 1 बंदी कुष्ठ रोग तथा 6 बंदी मानसिक रोगों से ग्रसित पाए गए। चिकित्सालय में रखे गए स्टॉक रजिस्टर और वितरण पंजिकाओं के मिलान में दवाओं की मात्रा में भिन्नता पाई गई। इस पर जेल चिकित्सक को निर्देश दिए गए कि दवाओं के सभी रजिस्टर नियमित रूप से
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| जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के दौरे में मौजूद अधिकारी |
अद्यतन किए जाएं। इसके अतिरिक्त, जेल में निरुद्ध बंदियों के मध्य विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में अंडर ट्रायल रिव्यू कमेटी एवं अधिकार प्राप्त समिति ने उन बंदियों को चिन्हित करने की प्रक्रिया आरंभ की गई, जिनकी जमानतें हो चुकी हैं लेकिन वे जमानत नहीं भर पा रहे हैं, अथवा जिनके ऊपर अर्थदण्ड लगा है परंतु वे उसे जमा नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे बंदियों की रिहाई के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। निरीक्षण में सचिव श्रीमती वर्णिका शुक्ला ने जेल परिसर में स्थित विधिक सहायता केंद्र का भी जायजा लिया और अनुरक्षित रजिस्टरों में प्रविष्टियों को पूर्ण करने के निर्देश दिए। इस मौके पर जेलर संतोष कुमार वर्मा, उपकारापाल रजनीश सिंह सहित अन्य जेल सुरक्षा कर्मी मौजदू रहे।


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