देवेश प्रताप सिंह राठौर, वरिष्ठ पत्रकार
उत्तर प्रदेश, झांसी - अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आज बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी के मेजर ध्यानचंद शारीरिक शिक्षा संस्थान में एक भव्य योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में झाँसी के लोकप्रिय सांसद श्री अनुराग शर्मा जी उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता माननीय कुलपति प्रो. मुकेश पाण्डेय ने की एवं उनके साथ मंच पर विशिष्ट अतिथियों में कुलसचिव श्री राज बहादुर, वित्त अधिकारी श्री प्रमोद कुमार एवं छात्र अधिष्ठाता प्रो. सुनील कुमार काबिया, मेजर ध्यानचंद शारीरिक शिक्षा संस्थान के विभागाध्यक्ष डॉ. राजीव बबेले जी शामिल रहे। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 6:30 बजे भारत के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर दिए गए राष्ट्रव्यापी संबोधन के लाइव प्रसारण से हुई, जिसे सभी प्रतिभागियों ने एकाग्रता से सुना। प्रधानमंत्री ने योग को “मानवता के लिए भारत का अमूल्य उपहार” बताया।
माननीय राज्यपाल उत्तर प्रदेश, श्रीमती आनंदीबेन पटेल के दूरदर्शी मार्गदर्शन में इस वर्ष योग दिवस पर विशेष प्रेरणा मिली, जिनके नेतृत्व में राज्यभर में व्यापक योग कार्यक्रम आयोजित किए गए। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय परिसर में कार्यक्रम का सीधा प्रसारण सभी प्रतिभागियों को दिखाया गया, जिसे उन्होंने ध्यानपूर्वक देखा और आत्मसात किया। इसके पश्चात योगाचार्य नीलम मिश्रा जी द्वारा आयुष मंत्रालय द्वारा निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार प्रतिभागियों को योगाभ्यास कराया गया, जिसमें सूर्य नमस्कार, प्राणायाम, त्रिकोणासन, वज्रासन, शवासन आदि प्रमुख योग मुद्राओं को सम्मिलित किया गया। कुलपति प्रो. मुकेश पाण्डेय ने अपने उद्बोधन में कहा योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह मानसिक संतुलन, अनुशासन और जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण को भी विकसित करता है। विश्वविद्यालय इस परंपरा को आगे और मजबूती से बढ़ाएगा। कुलपति प्रो. मुकेश पाण्डेय ने इस अवसर पर ऐतिहासिक झाँसी किले में योगाभ्यास करते हुए योग दिवस को विशेष बनाया, और अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह मानसिक संतुलन, अनुशासन और जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण को भी विकसित करता है। विश्वविद्यालय इस परंपरा को आगे और मजबूती से बढ़ाएगा। सांसद श्री अनुराग शर्मा जी ने अपने प्रेरणादायक वक्तव्य में कहा योग भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है, और आज यह वैश्विक स्तर पर भारत की पहचान बन चुका है। युवाओं को इसे गंभीरता से अपनाना चाहिए, क्योंकि यह उन्हें संतुलित और सफल जीवन जीने की दिशा में अग्रसर करता है l छात्र अधिष्ठाता प्रो. सुनील कुमार काबिया जी ने अपने संबोधन में कहा योग केवल एक दिवस का आयोजन नहीं, बल्कि एक जीवनशैली है जिसे हमें निरंतर अभ्यास में लाना चाहिए। विश्वविद्यालय ने पूरे एक महीने तक 30 दिन 30 अनुभव योग के विविध कार्यक्रम आयोजित कर यह संदेश दिया है कि योग को नियमित जीवन का अंग बनाना समय की माँग है। कुलसचिव श्री राज बहादुर जी ने कहा विश्वविद्यालय का सतत प्रयास है कि योग और मानसिक स्वास्थ्य जैसे विषयों को छात्रों और कर्मचारियों के जीवन का हिस्सा बनाया जाए। एक माह तक चला यह आयोजन इस दिशा में सराहनीय पहल है। वित्त अधिकारी श्री प्रमोद कुमार ने कहा योग जीवन की गुणवत्ता बढ़ाने का सरल, वैज्ञानिक और प्रभावी माध्यम है। इसे दिनचर्या में अपनाकर व्यक्ति कार्यक्षमता, तनाव प्रबंधन और आत्म-नियंत्रण प्राप्त कर सकता है। विश्वविद्यालय से सम्बद्ध महाविद्यालयों ने भी इस आयोजन में सहभागिता की और योग दिवस को एक समर्पित भाव से मनाया।मेजर ध्यानचंद शारीरिक शिक्षा संस्थान के विभागाध्यक्ष डॉ. राजीव बबेले जी ने भी योग की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा योग हमारे जीवन में न केवल शारीरिक स्फूर्ति लाता है, बल्कि यह हमें मानसिक मजबूती भी प्रदान करता है। आज के तनावपूर्ण वातावरण में योग आत्म-संयम, ध्यान और संतुलन का सबसे प्रभावी माध्यम है। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए और एक सामूहिक छायाचित्र के साथ आयोजन का समापन हुआ। इस कर्यक्रम में उप कुलसचिव सुशील कुमार सेन उप कुलसचिव अंजुम शेख, डॉ अतुल खरे , अनिल बोहरे, प्रो.आर के सैनी. प्रोफ वी के सिंह, प्रोफ़ एम् एम् सिंह, प्रो. अवनीश प्रो.आलोक डॉ उपेंद्र सिंह तोमर, हेमंत चंद्रा, हितिका यादव, प्रो. सौरभ श्रीवास्तव, अभिमन्यु, अंजुल यादव,शशांक,डॉ विनोद कुमार बौद्ध, डॉ रोहित तिवारी, डॉ यञपाल सिंह .डॉ कृष्ण कुमार पांडेय, रूपम सक्सैना, डॉ मुन्ना तिवारी डॉ.श्वेता पांडे, डॉ. दीप्ति, जितेंद्र कुमार, रावतपुरा महाविधालय से डॉ सतेंदर एवं उनके छात्र और विश्वविद्यालय के सभी टीचिंग और नॉन टीचिंग स्टाफ एवं छात्र-छात्रयों उपस्थित रहे l


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