दुरेडी-इटवा-लोहरा-परमपुरवा मार्ग पर शुरू होगा निर्माण, विकास को लगेंगे पंख
13 जनवरी 2027 तक कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य, कनेक्टिविटी होगी और भी मजबूत
योगी सरकार का गुड गवर्नेंस', सीमावर्ती क्षेत्रों के बुनियादी ढांचे में होगा बड़ा सुधार
बांदा, के एस दुबे । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की गुड गवर्नेंस और सीमावर्ती क्षेत्रों के कायाकल्प की नीति अब बांदा में धरातल पर उतरने जा रही है। बांदा जिले में उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की सीमा को जोड़ने वाले दुरेडी-इटवा-लोहरा व परमपुरवा मार्ग पर एक भव्य प्रवेश द्वार का निर्माण होने जा रहा है। जिससे न केवल जिले की कनेक्टिविटी मजबूत होगी बल्कि सीमावर्ती इलाकों की सूरत भी बदल जाएगी और इस पर एक करोड़ 88 लाख रुपये खर्च होंगे।
1.88 करोड़ की लागत से चमकेगी सीमा
क्षेत्र के विकास को नई ऊंचाई देने के लिए योगी सरकार ने 1 करोड़ 88 लाख रुपये का भारी-भरकम बजट स्वीकृत किया है। इस भव्य प्रवेश द्वार के माध्यम से बांदा जनपद की सीमा पर आने वाले आगंतुकों का स्वागत शाही अंदाज में होगा। जिससे इस क्षेत्र का यातायात तो सुगम होगा ही साथ ही साथ उत्तर प्रदेश व मध्य प्रदेश की व्यापारिक गतिविधियों का बढ़ावा भी मिलेगा।
जनवरी 2027 तक लक्ष्य, बुनियादी ढांचे में होगा सुधार जिला प्रशासन ने इस परियोजना को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए 13 जनवरी 2027 तक का लक्ष्य निर्धारित किया है और लोक निर्माण विभाग को तय समय सीमा पर कार्य को पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। सीमावर्ती क्षेत्रों के बुनियादी ढांचे में सुधार की यह योजना इस क्षेत्र के लोगों के लिए एक बड़ी सौगात मानी जा रही है। कहा जाए तो योगी सरकार के कुशल सुशासन का यह परिणाम है जो क्षेत्र वर्षों से उपेक्षित थे। वहां अब विकास की नई इबारत लिखी जा रही है। जिसके क्रम में यहां बेहतर कनेक्टिविटी और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार से बांदा के विकास को सचमुच पंख लगने वाले हैं।


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