चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि : बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा प्रदेश में संचालित प्राथमिक विद्यालय में कार्यरत समस्त 1.43 लाख शिक्षामित्रों के मानदेय को 10 हजार से बढ़ाकर 18 हजार रुपये प्रतिमाह किए जाने पर गोरखपुर स्थित योगी राज बाबा गंभीर नाथ प्रेक्षागृह एवं सांस्कृतिक केंद्र में शिक्षामित्र सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इसी क्रम में जनपद में भी कार्यक्रम का आयोजन कर लाइव प्रसारण देखा गया। जिला मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में राज्य जल शक्ति मंत्री रामकेश निषाद ने कहा कि शिक्षामित्र राष्ट्र निर्माण की नींव हैं, जो आने वाली पीढ़ी को तैयार कर रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी सरकार ने शिक्षामित्रों की वर्षों पुरानी मांग को पूरा किया है। उन्होंने कोरोना काल में भी शिक्षामित्रों द्वारा घर-घर जाकर बच्चों को शिक्षा देने के कार्य की सराहना की। मानिकपुर विधायक अविनाश चंद्र द्विवेदी ने शिक्षामित्रों के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि वे बच्चों को बेहतर शिक्षा देकर उनका भविष्य संवार रहे हैं। उन्होंने विद्यालयों में बाउंड्रीवाल सहित अन्य सुविधाओं के लिए सहयोग का भरोसा दिलाया और समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया। पूर्व मंत्री चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय, पूर्व सांसद
आरके सिंह पटेल व भैरों प्रसाद मिश्रा तथा पूर्व विधायक आनंद शुक्ला ने भी शिक्षामित्रों के मानदेय बढ़ोतरी पर मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए इसे ऐतिहासिक निर्णय बताया। बेसिक शिक्षा अधिकारी बी.के. शर्मा ने बताया कि जनपद में 1,352 शिक्षामित्र कार्यरत हैं। जिनके अप्रैल माह का बढ़े हुए मानदेय के अनुसार भुगतान करने के लिए 2.43 करोड़ (2,43,36000) रुपये की धनराशि जारी की जा चुकी है, जिसे शिक्षामित्रों के खातों में स्थानांतरित कर दिया गया है। इस दौरान कार्यक्रम में मौजूद जनप्रतिनिधियों को एक जनपद एक उत्पाद के अंतर्गत बने स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। वहीं शिक्षामित्रों को डेमो चेक प्रदान किए गए। कंपोजिट विद्यालय लोढ़वारा की छात्राओं ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। कार्यक्रम का संचालन शिक्षक साकेत बिहारी शुक्ला ने किया। इस मौके पर जिला पंचायत अध्यक्ष अशोक जाटव, जिलाधिकारी पुलकित गर्ग, मुख्य विकास अधिकारी डीपी पाल, भाजपा जिलाध्यक्ष महेन्द्र कोटार्य, जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष पंकज अग्रवाल, जिला महामंत्री डॉ अश्विनी अवस्थी, शिक्षामित्र, शिक्षा विभाग के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।


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