पानी से भरे गहरे गड्ढे में पलटी ईंटों से भरी ट्रॉली
3000 ईंटें बिखरीं; बड़ा हादसा टला
तिंदवारी/बांदा, के एस दुबे । बांदा-फतेहपुर मार्ग की बदहाली अब राहगीरों और वाहन चालकों के लिए जानलेवा साबित होती जा रही है। सड़क पर बने बड़े-बड़े और गहरे गड्ढे बारिश के पानी से लबालब भरकर अदृश्य खतरा बन चुके हैं। हालात यह हैं कि सड़क कहां है और गड्ढा कहां, यह पहचान पाना नामुमकिन हो गया है। इसी लापरवाही की बानगी गुरुवार सुबह तब देखने को मिली जब एक ट्रैक्टर-ट्रॉली पानी से भरे गहरे गड्ढे में फंसकर पलट गई। घटना गुरुवार सुबह करीब पाँच बजे की है। विकास गैरेज के सामने बहुआ से बांदा की ओर आ रही ईंटों से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली अचानक एक गहरे गड्ढे में जा धंसी। चालक देवेंद्र ने बताया कि बारिश के पानी से भरा होने के कारण गड्ढा दूर से दिखाई नहीं दिया। जैसे ही ट्रॉली का पहिया उसमें उतरा, वाहन अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गया।
इस हादसे में ट्रॉली में लदी करीब 3000 ईंटें सड़क पर बिखर गईं। इनमें से बड़ी संख्या में ईंटें टूटकर नष्ट हो गईं, जिससे लगभग 20 हजार रुपये के नुकसान का अनुमान है। गनीमत यह रही कि पलटते समय चालक ट्रॉली की चपेट में आने से बाल-बाल बच गया, वरना कोई बड़ी जनहानि हो सकती थी। बांदा-फतेहपुर मार्ग पर जगह-जगह बने गड्ढे लंबे समय से सिरदर्द बने हुए थे, लेकिन बारिश के बाद स्थिति और भी भयावह हो गई है। दोपहिया वाहन चालकों के लिए तो यह मार्ग किसी खंदक से कम नहीं है। अचानक गड्ढे में पहिया जाने से वाहन फिसल रहे हैं और लोग रोज चोटिल हो रहे हैं। स्थानीय लोगों और राहगीरों में लोक निर्माण विभाग की कार्यशैली को लेकर भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि कागजी खानापूर्ति और गड्ढों में सिर्फ मिट्टी डालने से समस्या हल नहीं होगी; सड़क की तत्काल स्थायी मरम्मत की आवश्यकता है। बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशासन और जिम्मेदार विभाग किसी गंभीर और बड़ी दुर्घटना के इंतजार में हैं, या फिर समय रहते इस मार्ग की सुध ली जाएगी?


No comments:
Post a Comment