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Monday, June 29, 2020

रिक्शा चलाकर कलेक्ट्रेट पहुंचे कांग्रेसियों ने किया प्रदर्शन

राष्ट्रपति को भेजा पांच सूत्रीय ज्ञापन 

फतेहपुर, शमशाद खान । कोरोना काल के दौरान पिछले तीन माह से लगातार बढ़ रहे डीजल व पेट्रोल के दामों को लेकर मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के पदाधिकारी व कार्यकर्ता लगातार विरोध दर्ज करा रहे हैं। सोमवार को कांग्रेसी रिक्शा चलाकर कलेक्ट्रेट पहुंचे और केन्द्र व प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया तत्पश्चात राष्ट्रपति को सम्बोधित पांच सूत्रीय ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपकर पांच मार्च 2020 के बाद बढ़ाये गये डीजल-पेट्रोल के दामों व उत्पाद शुल्क में की गयी बढ़ोत्तरी को तत्काल वापस लिये जाने की मांग की। 
कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन करते कांग्रेसी। 
शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मो0 मोहसिन खान की अगुवई में बड़ी संख्या में कांग्रेसी रिक्शा चलाकर कलेक्ट्रेट पहुंचे और पेट्रोलियम पदार्थों में की जा रही अंधाधुंध बढ़ोत्तरी को लेकर केन्द्र व प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वक्ताओं का कहना रहा कि लाकडाउन के पिछले तीन माह के दौरान पेट्रोल व डीजल पर लगने वाले केन्द्रीय उत्पाद शुल्क व कीमतों में बार-बार की गयी अनुचित बढ़ोत्तरी ने नागरिकों की असीम पीड़ा व परेशानी बढ़ा दी है। जहां देश स्वास्थ्य एवं आर्थिक महामारी से लड़ रहा है वहीं दूसरी ओर मोदी सरकार पेट्रोल व डीजल की कीमतों और उस पर लगने वाले उत्पाद शुल्क को बार-बार बढ़ाकर इस मुश्किल वक्त में मुनाफाखोरी कर रही है। कहा गया कि मई 2014 में पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क 9.20 रूपये प्रति लीटर एवं डीजल पर 3.46 रूपये प्रति लीटर था। पिछले छह सालों में भाजपा सरकार ने पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क में 23.78 रूपये प्रति लीटर व डीजल पर 28.37 रूपये प्रति लीटर की अतिरिक्त बढ़ोत्तरी कर दी। केवल पेट्रोल व डीजल पर लगने वाले उत्पाद शुल्क में बार-बार वृद्धि करके मोदी सरकार ने पिछले छह सालों में 1800000 करोड़ रूपये कमा लिये। तीन माह पहले लाकडाउन लगाये जाने के बाद पेट्रोल व डीजल पर उत्पाद शुल्क को बार-बार बढ़ाकर तो मुनाफाखोरी और जबरन वसूली की सभी हदें पार कर दी गयी हैं। मार्च 2020 से अब तक लगातार डीजल व पेट्रोल के दाम बढ़ाये जा रहे हैं। देश के नागरिकों से छल करने व उनकी गाढ़ी कमाई की जबरन वसूली का अंदाजा इस बात से लग सकता है कि पिछले कुछ महीनों में कच्चे तेल के भाव कम हुए हैं। इसके बावजूद पेट्रोल-डीजल के मूल्य आसमान छू रहे हैं। राष्ट्रपति से मांग की गयी कि पांच मार्च के बाद पेट्रोल व डीजल के दामों में की गयी बढ़ोत्तरी व उत्पाद शुल्क की वृद्धि को तत्काल वापस लिया जाये। इस मौके पर सुधाकर अवस्थी, संतोष कुमारी शुक्ला, राजन तिवारी, शिवाकांत तिवारी, उदित अवस्थी, पंकज सिंह गौतम, बबलू कालिया, मो0 आलम, मिस्बाउल हक, उमैर मिर्जा, निकित, विनय तिवारी, अशोक दुबे आदि मौजूद रहे। 

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