चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि । बहिलपुरवा थाने के शीतलपुर तरौंहा के रामकिशोर पुत्र स्व लालजी ने 30 जनवरी की रात पिता की हत्या की रिपोर्ट थाने में लिखाई थी। अज्ञात के नाम रिपोर्ट दर्ज हुई थी। 27 फरवरी को नामजद आरोपी मिठाईलाल व चुनकौना पुत्र दुलारे, जयकिशोर पुत्र चुनकौना, चंगी देवी पत्नी मिठाईलाल शीतलपुर तरौंहा व धर्मपाल पुत्र रामआसरे ने खेत सींचने के बहाने पिता को रात दस बजे खेत में ले जाकर हत्या कर दी। रविवार को पीडित रामकिशोर ने पुलिस अधीक्षक समेत सूबे के मुख्यमंत्री आदि को 19 मार्च को लिखे पत्र में कहा कि दरोगा ने नामजद
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| दरोगा पर आरोप लगाते पीडित। |
आरोपियों पर कोई कार्यवाही नहीं की, बल्कि जीतन प्रसाद उर्फ प्रिंस पुत्र राजाराम शीतलपुर तरौंहा के खिलाफ न्यायालय सीजेएम के यहां से 27 मई को 82 जारी कराकर 13 जून को उसे न्यायालय में हाजिर करा दिया। न्यायालय के आदेश पर वह जेल चला गया। पीडित ने दरोगा से कई बार मिलकर कहा कि जीतन प्रसाद निर्दोष है। उसने पिता की हत्या नहीं की। हत्या करने वाले खुलेआम घूम रहे हैं। इस मामले से जीतन प्रसाद से कोई लेना-देना नहीं है। दरोगा ने कहा कि वे नामजद लोगों के खिलाफ कार्यवाही नहीं करेंगे। आरोप लगाया कि नामजद लोगों से दरोगा ने भारी रिश्वत ले रखी है। परिवार के लोग हो, आपस में समझौता कर लो।


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