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Thursday, September 5, 2024

गणेश चतुर्थी महोत्सव 7 सितम्बर से

भाद्रपद के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को गणपति की स्थापना की जाती है. 10 दिन तक मनाए जाने वाला गणेश उत्सव इस साल भाद्रपद मास के शुक्ल  पक्ष की चतुर्थी तिथि 6 सितंबर को दोपहर 3.01 बजे शुरू होगी और अगले दिन यानी 7 सितंबर को शाम 5.37 बजे समाप्त होगी। उदया तिथि के अनुसार इस साल गणेश चतुर्थी 7 सितंबर, शनिवार को मनाई जाएगी। इस दिन गणेश जी की मूर्ति स्थापित की जाएगी और व्रत रखा जाएगा। गणेश चतुर्थी पर इस साल कुछ शुभ योगों का निर्माण हो रहा है. शुभ योग में पूजा करना भी अत्यंत लाभकारी माना जाता है. इस साल गणेश चतुर्थी पर सर्वार्थ सिद्धि योग, ब्रह्म योग और रवि योग का निर्माण हो रहा है. ये तीनों ही योग बेहद शुभ होते हैं और फलदायी माने जाते हैं. प्रथम पूजनीय गणेश जी आराधना से सारे विघ्न और बाधाये दूर हो जाती है.जीवन में शुभता का आगमन होता है। मान्यता है कि भाद्रपद के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी से इस माह की चतुदर्शी तिथि यानी कि 10 दिनों तक भगवान गणेश पृथ्वी पर वास करते हैं. गणेश चतुर्थी पर जगह-जगह पंडाल और घरों में गणेश को स्थापित किया जाता है. कहते हैं कि जो व्यक्ति इन दिनों में गणेश जी को घर में बैठाकर सच्चे मन से उनकी आराधना करता है उसके जीवन से तनाव खत्म हो जाता है. सुख-समृद्धि आती है भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी को प्रथम पूज्य देव भगवान गणेश का मध्याह्न के समय जन्म हुआ था। ।  भगवान गण्ेाश विध्नहरता


व बुद्धि के देवता है। इनका वाहन मूषक है और ऋद्धि तथा सिद्धि इनकी दो पत्नियां है। श्री गणेश की उपासना से कार्याे में सफलता मिलती है। विघ्न दूर होते है। वहीं ज्ञान व बुद्धि में वृद्धि होती है तथा ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है।गणेश जी की पूजा में उन्हें वस्त्र, जनेऊ, चन्दन, सिन्दूर, दूर्वा, अक्षत, धूप, दीप, शमी के पत्ते, पीले फूल एवं फल चढ़ावें। प्रसाद में बेसन का मोदक /लड्डू अवश्य चढ़ाएँ।  भगवान् गणेश जी के मन्त्रों का कम से कम 108 बार जप करना चाहिए। गणेश जी की पूजा-आराधना के समय स्नान कर पीले वस्त्र पहनना श्रेष्ठ है । महाराष्ट्र में गणेश चतुर्थी महोत्सव  10 दिन तक बहुत धूम धाम से मनाया जायेगा। इस दिन चन्द्र दर्शन मना है। चन्द्र दर्शन करने पर कोई मिथ्या कलंक लग सकता है अगर कोई भूलवश चन्द्र दर्शन कर लेता है तो उसे श्रीमद् भागवत के 10वें स्कन्ध 56ः57 अध्याय में उल्लेखित स्यमंतक मणि की चोरी की कथा का श्रवण करना लाभ कारक है  

7 सितम्बर को गणपति पूजा मुहूर्त प्रात: 10:49  से दिन में  01 :19 करना श्रेष्ठ है

 -ज्योतिषाचार्य-एस.एस.नागपाल, स्वास्तिक ज्योतिष केन्द्र, अलीगंज, लखनऊ

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