वीरांगना दुर्गावती की पुण्यतिथि पर स्वावलंबी कृषि कार्यशाला आयोजित, 125 किसानों ने लिया लाभ - Amja Bharat

Amja Bharat

All Media and Journalist Association

Breaking

Wednesday, June 25, 2025

वीरांगना दुर्गावती की पुण्यतिथि पर स्वावलंबी कृषि कार्यशाला आयोजित, 125 किसानों ने लिया लाभ

125 किसानों को मिली खेती की नई दिशा 

मिला उन्नत बीजों का उपहार 

चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि । वीरांगना दुर्गावती की पुण्यतिथि के मौके पर दीनदयाल शोध संस्थान से संचालित तुलसी कृषि विज्ञान केंद्र गनीवां एवं जन शिक्षण संस्थान चित्रकूट के संयुक्त तत्वावधान में अनुसूचित जनजाति उप योजना पर एक दिवसीय स्वावलंबी कृषि कार्यशाला का आयोजन परमानंद सभागार गनीवां में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन कर बांदा कोऑपरेटिव बैंक अध्यक्ष पंकज अग्रवाल, दीनदयाल शोध संस्थान के राष्ट्रीय संगठन सचिव अभय महाजन, कृषि विज्ञान केंद्र के प्रमुख डॉ राजेंद्र सिंह नेगी, उप निदेशक कृषि राजकुमार, जन शिक्षण संस्थान निदेशक अनिल कुमार सिंह सहित अनेक कृषि वैज्ञानिकों की मौजूदगी में हुआ। कार्यशाला में वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ नेगी ने कहा कि यदि किसान अपनी फसल खुद उगाकर खाए, तो आत्मनिर्भरता संभव है। उन्होंने बीज बैंक की स्थापना पर जोर दिया। वहीं निदेशक अनिल कुमार सिंह ने कृषि क्षेत्र में स्वरोजगार की असीम संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए इसे युवाओं के लिए लाभकारी बताया। धान वैज्ञानिक विजय गौतम ने

उन्नत किस्मों के बीज के साथ मौजूद किसान

धान उत्पादन की आधुनिक तकनीकों पर बताया कि समय पर खेत की तैयारी, पोषक तत्व प्रबंधन और कीट नियंत्रण से आय और उत्पादकता दोनों बढ़ाई जा सकती है। मौसम वैज्ञानिक डॉ मनोज शर्मा ने अरहर, मूंग और तिल की उन्नत किस्मों के प्रयोग और समयबद्ध बुवाई की सलाह दी। कार्यक्रम के समापन में उप निदेशक कृषि राजकुमार ने किसानों को सरकारी योजनाओं का अधिकाधिक लाभ उठाने का आग्रह किया। डीसीबी चेयरमैन पंकज अग्रवाल ने संस्थान के कार्यों को अनुकरणीय बताया। कार्यक्रम के अध्यक्ष अभय महाजन ने कहा कि भारत की संस्कृति, परंपरा और महापुरुषों का जीवन हमें स्वावलंबन और स्वाभिमान की राह दिखाता है। उन्होंने रसायन मुक्त खेती, परंपरागत बीज, स्वच्छता अभियान और वसुधैव कुटुंबकम के भाव को अपनाने का आह्वान किया। अंत में, किसानों को अरहर, मूंग, तिल और धान की उन्नत किस्मों के बीज वितरित किए गए।


No comments:

Post a Comment

Post Bottom Ad

Pages