चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि । चित्रकूट हवाई अड्डे पर बुध्वावार को एक उच्च स्तरीय आपातकालीन मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया, जो कि हालिया अहमदाबाद विमान हादसे की भयावहता के बाद, आपदा प्रबंधन की तैयारियों को परखने की दिशा में एक जागरूक, व्यावहारिक और समयोचित पहल रही। ड्रिल का उद्देश्य था- विमान दुर्घटना जैसी आपात स्थिति में प्रतिक्रिया देने वाले सभी विभागों के बीच त्वरित समन्वय, फुर्तीली कार्रवाई और जमीनी तैयारियों की असल तस्वीर सामने लाना। ड्रिल में एक काल्पनिक विमान को लैंडिंग के समय तकनीकी खराबी के कारण रनवे पर दुर्घटनाग्रस्त दिखाया गया, जिसमें आग लगने से कई यात्रियों के घायल होने की सूचना सिमुलेट की
![]() |
| हवाई अड्डे पर आपातकालीन मॉक ड्रिल करते कर्मचारी |
गई। दुर्घटना की खबर मिलते ही विमानपत्तन अग्निशमन सेवा, चिकित्सा टीमें, पुलिस बल, फायर स्टेशन, सुरक्षा एजेंसियां और जिला प्रशासन सक्रिय हो उठे। एक के बाद एक राहत व बचाव कार्य शुरू हुए- फायर फाइटिंग, घायलों की त्वरित चिकित्सा, गंभीर यात्रियों की निकासी, रनवे की घेराबंदी और स्थिति नियंत्रण में लाने के हर प्रयास को बारीकी से अंजाम दिया गया। इस अभ्यास में एसडीएम, विमानपत्तन निदेशक, डिप्टी सीएमओ, सीएएसओ, पुलिस क्षेत्राधिकारी, फायर स्टेशन प्रभारी सहित सभी विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।


No comments:
Post a Comment