कानपुर, प्रदीप शर्मा - कर्मचारी शिक्षक संयुक्त मोर्चा उत्तर प्रदेश प्रदेश के आवाहन पर मंगलवार को 12 सूत्रीय मांग पत्र भूख हड़ताल कर जिलाधिकारी के गाध्यम से मुख्यमंत्री को चुन्नीगंज बस अड़डे पर प्रेषित किया गया। इस कार्यक्रम के अंतर्गत पूरे प्रदेश के राज्य कर्मचारी, शिक्षक, निकाय, स्वास्थ एवं परिवहन विभाग के कर्मचारी अपने-अपने जनपदों के मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया है।मण्डल संयोजक अरविन्द कुमार कुरौल ने बताया कि मांग पत्र में पुरानी पेंशन बहाली, आउटसोर्सिग, संविदा, दैनिक वेतन, वर्षांचार्ज के कार्यरत कर्मचारियों का नविषा सुरक्षित विनियमितीकरणकी नीति बनाना, सरकारी संस्थानों में निजीकरण की कार्यवाही बन्द करने राष्ट्रीय वेतन आयोग की स्थाई कमेटी का गठन् जनवरी 2020 से 31 जुलाई 2021 तक फ्रीज मंहगाई-मत्तेके एरियर का भुगतान किया जाय परिवार नियोजन एवं सी०सी०ए० सहित बन्द भत्ते बहाल किया जाना, प्रदेश के निकाय कर्मचारियों एवं
विकास प्राधिकरण कर्मचारियों को राज्य कर्मचारियों की भांति सभी सुविधाएं प्रदान की जायें, राजकीय निगमों के कर्मचारियों को 7वें वेतन का लाभ अनुमन्य किया जाना रोडपेज कर्मयारी संयुक्त परिषद के समझौते के अनुसार मंहगाई भत्ते के देय किश्तों का भुगतान व वेतन विसंगतियों का निराकरण, मृतक आश्रित की नियुक्ति एवं विनियमितीकरण, रिक्त पदों पर भर्ती की जाय, समस्त कर्मचारियों को कैशलेस इलाज की सुविधा, प्रदेश के नवसृजित जिला चिकित्सालयों एवं महिला चिकित्सालयों का उच्चीकरणकर मेडिकल कॉलेजों चिकित्सा स्वास्थ्यके सभी सवों के पदों को समाप्त न कर वहाँ कार्यरत कर्मियों की पद सहित उनके मूल विभागों में वापस किया जाय संबंधी कई अन्य मांगे भी हैं। इस अवसर पर मण्डल अध्यक्ष रमाकान्त मिश्र, मण्डल संयोजक अरविन्द कुमार कुरील, परिषद के जिला मंत्री राजेन्द्र पटेल, आशीष दीक्षित, मुन्ना हजारियों, नीलू निगम, जे. पी. सिंह गुर्जर सुरेद्र सिंह सेंगर, देवीदीन भाऊ, नरेन्द्र खन्ना, यूसुफ अली, गोपाल चौधरी राजू पवन, पंकज शुक्ला, भूपेन्द्र सिंह, अभिषेक यादव, अक्षय कुमार गौड जेन्द्र पाल, देवेन्द्र प्रसाद, विजय भूषण गोड, दिनेश यादव मौजूद रहे।


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