एक महीने में सड़क उखड़ी
शासन सकते में, डीएम ने दिए जांच के आदेश
मऊ/चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि । चित्रकूट में पीडब्लूडी का भ्रष्टाचार फिर एक बार जनता के सामने बेनकाब हो गया है। जहां एक ओर जमोहरा नाले पर ढाई करोड़ की लागत से बन रहे पुल का लेंटर महज 24 घंटे में गिर गया, वहीं अब मऊ तहसील क्षेत्र की जोरवारा-करही संपर्क मार्ग पर बने एक और निर्माण कार्य की सड़ांध बाहर आने लगी है। एक महीना पहले बनी यह सड़क पहली ही बारिश में उखड़ने लगी। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि ग्रामीण सड़क पर बस पैर मारते हैं और कोलतार व मिट्टी चिथड़े की तरह निकल आती है। लोगों का आरोप है कि सड़क निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग हुआ है और पूरी प्रक्रिया में पीडब्लूडी के अफसरों ने आंखें मूंद लीं। ग्रामीणों ने बताया कि यह कोई अकेला मामला नहीं है। मऊ क्षेत्र में पीडब्लूडी द्वारा बनाई गई कई सड़कें एक-दो महीने में ही दम तोड़ चुकी हैं। इससे यह साफ संकेत मिलता है कि विभागीय
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| पीडब्लूडी की बनाई क्षतिग्रस्त सडक |
लापरवाही और ठेकेदारों की मनमानी ने मिलकर विकास को मजाक बना दिया है। वहीं, अभी हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर जमोहरा पुल प्रकरण में तीन इंजीनियर निलंबित किए गए थे, लेकिन अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या यह कार्रवाई केवल एक मामले तक सीमित रहेगी या फिर ऐसी सड़क योजनाओं में लिप्त पूरे भ्रष्ट तंत्र पर भी गाज गिरेगी? सवाल लाजिमी हैं- क्या अब सड़कों की उम्र सिर्फ एक महीने की रह गई है? क्या
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| पैरों से सडक को उखाड कर दिखाते ग्रामीण |
करोड़ों का बजट हर बारिश में बहा दिया जाएगा? क्या अधिकारी हर बार घटना होने के बाद ही जागेंगे? ग्रामीणों ने सरकार से इस मामले में उच्चस्तरीय जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं डीएम ने इस मामले पर जांच के आदेश दिए है।



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