गुनगुनी धूप खिलने से मिली राहत, 17 डिग्री पहुंचा अधिकतम तापमान - Amja Bharat

Amja Bharat

All Media and Journalist Association

Breaking

Friday, January 9, 2026

गुनगुनी धूप खिलने से मिली राहत, 17 डिग्री पहुंचा अधिकतम तापमान

सुबह कोहरे के चलते छाई रही धुंध, आवागमन हुआ मुश्किल

मकर संक्रांति तक मौसम साफ होने की उम्मीद जता रहे मौसम विशेषज्ञ

बांदा, के एस दुबे । सुबह कोहरे की मोटी परत छाए रहने के बाद दोपहर के समय कुछ घंटे ही सही गुनगुनी धूप खुली। इससे लोगों को ठंड से राहत मिली। लोगों ने सड़क, मोहल्ले और घर की छतों में धूप सेंकी। ठंड से राहत मिलने के बाद ही लोगों ने कहा कि मकर संक्रांति तक मौसम के साफ होने की संभावना है। इधर, कोहरे के चलते सुबह के वक्त आवागमन मुश्किल रहा। ट्रेनें लेटलतीफ रहीं और सड़क यातायात पूरी तरह से अव्यवस्थित रहा। ठंड के चलते कम ही लोग घरों से बाहर निकले। धूप खिलने के बाद सड़क पर चहल-पहल नजर आई। लगातार बदल रहा मौसम का मिजाज लोग नहीं समझ पा रहे हैं। गुरुवार की रात से ही आसमान पर कोहरे की धुंध छाने लगी थी। रात नौ बजे अंधाकुप्प हो गया। लोग अपने घरों में दुबक गए। जो लोग आवागमन करते हुए नजर आए वह अपने वाहन

कोहरे की धुंध के बीच लाइट जलाकर गुजरता वाहन।

धीरे-धीरे चला रहे थे। शुक्रवार की सुबह 11 बजे करीब गुनगुनी धूप खिलने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली। आवागमन के दौरान लोगों ने धूप सेंकी। सड़क, मोहल्लों के साथ ही घरों की छतों पर भी लोग धूप सेंकते नजर आए। शाम होते ही पछुवा हवाओं के चलने की वजह से एक बार फिर से मौसम ठंडा हो गया। पिछले दिनों लगातार तीन दिन से धूप न खिलने की वजह से और हवाओं के झोंके चलने की वजह से मौसम ठंडा हो गया था। मौसम वैज्ञानिक दिनेश शाहा के मुताबिक अधिकतम 17 डिग्री तापमान गुरुवार को रिकार्ड किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान सात डिग्री सेल्यियस रहा। लोग पूरा दिन ठंड से ठिठुरते नजर आए। रह-रहकर चल रही ठंडी हवाओं के झाेंकों ने गलन में इजाफा कर दिया। गलन बढ़ने के बाद लोगों ने अलाव जलाकर किसी तरह से ठंड से अपना बचाव किया। आधी रात के बाद आसमान ने कोहरे को अपनी आगोश में ले लिया। कोहरे की धुंध की वजह से सड़क और रेल यातायात भी बाधित हो गया। रेल यातायात प्रभावित होने की वजह उत्तर महाकौशल, प्रदेश संपर्क क्रांति समेत चार ट्रेनें विलंब से चल रही हैं। इससे यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। रोडवेज बसों के साथ ही अन्य प्राइवेट वाहन भी लाइट जलाकर रेंगते हुए नजर आए। तापमापी पारे की सुई भी न्यूनतम सात और अधिकतम 17 डिग्री पर टिकी हुई है। मौसम का मिजाज बदलता जा रहा है। दिन में गुनगुनी धूप न खिलने से शाम होते ही ठंड का असर लोगों को महसूस हुआ। कृषि विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिनेश शाहा ने कहा कि कुछ दिन और कड़ाके की ठंड रहेगी। उन्होंने कहा कि पछुवा हवाएं ठंड में इजाफा कर रही हैं। यह पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी का असर है। ठंड से अपना बचाव करने के लिए लोग जहां गर्म कपड़ों का इस्तेमाल कर रहे हैं, वहीं आग जलाकर बदन सेंकते नजर आ रहे हैं। पहाड़ों में हो रही बर्फबारी के साथ ही ठंडी हवाओं के झोंकों की वजह से कोहरे ने पिछले दो दिनों से दस्तक दे दी है। बुधवार की शाम होते ही आसमान पर कोहरे की धुंध का असर नजर आ रहा था। इसके साथ ही आधी रात को पूरी तरह से कोहरे ने सब कुछ अपनी आगोश में ले लिया। कोहरे की धुंध की वजह से 10 मीटर की दूरी पर रखी वस्तु नजर नहीं आ रही थी। किसानों को कृषि विभाग ने भी फसलों को पाला से बचाने के लिए एडवाइजरी जारी की है। पाला से बचाने के लिए खेताें के चारों ओर धुआं करें। शीतलहरी के दौरान फसलों को बचाने के लिए उपाय बताए हैं। मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिनेश शाहा का उनका कहना है कि जबरदस्त शीतलहरी का प्रकोप बढ़ेगा, इसके लिए लोग तैयार रहें। पिछले दिनों में कोहरे की धुंध की वजह से यातायात अव्यवस्थित है। सड़क और रेल यातायात पर बुरा असर पड़ा है। महाकौशल एक्स्रपेस, संपर्क क्रांति एक्सप्रेस के अलावा आंबेडकर नगर एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनें विलंब से चल रही हैं। स्टेशन अधीक्षक मनोज शिवहरे ने कहा कि कोहरे की धुंध की वजह से चालक को ट्रेन अपने स्वविवेक के मुताबिक पटरी पर दौड़ाने की हिदायत रेलवे उच्चाधिकारियों ने दी है। कृषि विभाग का कहना है कि दलहनी और तिलहनी फसलों को नुकसान पहुंचा सकता है। चिकित्सकों ने ठंड के मौसम में सावधानी बरतने की अपील की है। इधर, दिसंबर माह के आखिरी दिन ठँडा रहा।

ठंड में युवाओं के साथ बीमार हो रहे बच्चे

बाँदा। ठंडे मौसम आमजन के साथी बच्चों के लिए ज्यादा खतरनाक साबित हो रहा है। इसलिए बच्चों का विशेष ख्याल रखें इसमे लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में ज्यादातर बच्चों को निमोनिया अपनी चपेट में ले रहा है, जब धूप किले तभी बच्चों को नहलाएं। पानी गर्म जरूर करें। बच्चों को गर्म कपड़ों से जकड़ रहे ताकि उन्हें ठंड का असर ना हो सके। बाल्य रोग विशेषज्ञ डॉक्टर आरके गुप्ता ने कहा कि ठंड के मौसम में बच्चों का विशेष ख्याल रखने की जरूरत है। लापरवाही बच्चों के लिए खतरनाक साबित हो सकती है इसलिए विशेष सावधानी बरतें। कहा कि ठंड की वजह से बचाव जरूरी है और सावधान रहकर ही ठंड से बचा जा सकता है।

No comments:

Post a Comment

Post Bottom Ad

Pages