बिरसा मुंडा की 150 वीं जयंती पर निकाली जा रही यात्रा
फतेहपुर, मो. शमशाद । बिरसा मुंडा की 150 वीं जयन्ती पर रांची झारखण्ड से निकाली जा रही वीर बिरसा मुंडा साइक्लोथॉन रैली विभिन्न स्थानों से होते हुए सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कालेज पहुंची। जिसका नेतृत्व कर्नल कमान अधिकारी 4 झारखंड गर्ल्स बटालियन एनसीसी अनिल कुमार एवं लेफ्टिनेंट कर्नल पीबी शर्मा प्रशासनिक अधिकारी 48 झारखंड बटालियन एनसीसी ने किया। दल में दो सैन्य अधिकारी, आठ महिला एनसीसी कैडेट एवं आठ पुरुष एनसीसी कैडेट भाग ले रहें हैं। वीर बिरसा मुंडा साइक्लोथॉन रैली का प्रशासनिक अधिकारी 60 यूपी बटालियन एनसीसी के कर्नल योगेन्द्र चिनवान ने उत्साह के साथ स्वागत किया। एनसीसी कैडेट्स और विशिष्ट नागरिक गण उपस्थित रहे। कार्यक्रम को स्मरणीय बनाने हेतु बटालियन एनसीसी कैडेटों द्वारा एक जीवंत
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| एसवीएम में साइक्लोथान रैली का स्वागत करते लोग। |
सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया। जिसमें देशभक्ति की भावना और क्षेत्रीय सांस्कृतिक धरोहर का सुंदर अदर्शन हुआ। जिसके अन्तर्गत वीर बिरसा मुंडा की जीवनी के बारे में प्रकाश डालते हुए बताया गया कि उनका जन्म 15 नवम्बर 1875 को उलिहातु खुंटी, झारखण्ड में हुआ था। वीर बिरसा मुंडा ने उलगुलान आंदोलन का नेतृत्व कर अंग्रेजी शासन व शोषणकारी भूमि व्यवस्था के विरुद्ध आदिवासी समाज को संगठित किया। उनकी पहचान धरती आबा, पृथ्वी के पिता के रूप में भी सम्मान से लिया जाता है। कर्नल अनिल कुमार ने सम्बोधित करते हुए बताया कि शौर्य के कदम क्रांति की ओर के प्रेरक विषय से मार्गदर्शित यह साइक्लोथॉन साहरा बलिदान और राष्ट्रीय जागरण को जीवंत श्रद्धांजलि है। वीर बिरसा मुंडा की अमर विरासत इस अभियान के प्रत्येक घरण में गूंजती है और निरंतर प्रेरणा देती है। कर्नल अनिल कुमार ने सम्बोधित करते हुए कहा कि वीर बिरसा मुंडा का जीवन साहस तथा भारत की स्वतंत्रता संग्राम में अद्वितीय योगदान रहा। इसने जनमानस में जागरुकता और राष्ट्रीय गौरत की भावना को और गहरा किया। रात्रि विश्राम के बाद रैली ने कानपुर को लिए अपनी यात्रा का शुभारंभ किया। कर्नल योगेन्द्र चिनवान के नेतृत्व में उत्साह के साथ कानपुर के लिए विधिवत रवाना किया।


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