चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि : मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ भूपेश द्विवेदी ने मंगलवार को मुख्य चिकित्साधीक्षक के साथ संयुक्त जिला चिकित्सालय सोनेपुर का निरीक्षण किया। सीएमओ ने अस्पताल के विभिन्न वार्डों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा सम्बन्धितों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान समस्त चिकित्सक एंव पैरामेडिकल स्टाफ रोस्टर के अनुसार डयूटी पर उपस्थित पाए गए। निरीक्षण के समय संयुक्त अस्पताल में 419 मरीजो को ओपीडी के माध्यम से चिकित्सीय परामर्श दिया जा चुका था तथा तथा 64 एक्स-रे, 397 पैथालॉजी टेस्ट एंव 17 आँख के आपरेशन सम्पादित हो चुके थे। अस्पताल परिसर में संचालित ब्लड बैंक में 37 यूनिट ब्लड से तीन यूनिट ब्लड मरीज को दिया गया एवं एक यूनिट ब्लड प्राप्त हुआ था। इस दौरान आठ टी.बी. जांच, 22 एच.आई.वी. जांच, 22 सिफलिस जांच एवं 10 ई.सी.जी. की जांच की गई थी। साथ ही सात आयुष्मान कार्ड बनाये गये थे। कुल 27 मरीज भर्ती पाए गए। जननी सुरक्षा वार्ड में नौ प्रसूता भर्ती पाई गई। सीएमओ ने इमरजेंसी, एनबीएसयू, एनीमिया, एसएनसीयू वार्ड का भी निरीक्षण किया। जहां सभी आवश्यक उपकरण एवं दवाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध पाई गईं।
सीएमओ ने वार्डों में मानक अनुसार बेडों चादर बिछाने व बदलने के निर्देश दिए। कहा कि मरीजों को बिना किसी भी वजह के रिफर न करें तथा समुचित उपचार प्रदान करें। चिकित्सालय परिसर के पीछे संचालित डायलिसिस वार्ड एवं ऑक्सीजन प्लांट के पास पडे कचरे के ढेर को तत्काल साफ कराने एवं पूरे चिकित्सालय की समय से सफाई एवं पीने के पानी आदि की व्यवस्था ठीक कराने के निर्देश दिए। कहा कि शीत ऋतु के दृष्टिगत भर्ती वार्ड में हीटर, कम्बल आदि की व्यवस्था करें तथा मरीजों के साथ आये हुए परिजनों को भी चिकित्सायल परिसर में रुकने के लिए उचित व्यवस्था करते हुए अलाव की व्यवस्था करें। रैन बसेरा के निरीक्षण के दौरान पर्याप्त जगह होने पर अधिक बेड लगाने को कहा ताकि सर्दी के कारण तीमारदारों को परेशानी न हो। सीएमओ ने चिकित्सालय में बेकार व निष्प्रयोज्य पड़ी सामग्री की नीलामी के लिए सम्बन्धित को निर्देशित किया गया। अक्रियाशील ऑक्सीजन प्लॉट के निरीक्षण के दौरान सीएमओ ने प्लांट की मरम्मत के लिए नामित कार्यदायी संस्था साइरेक्स हेल्थ केयर के अधिकारियो को निर्देश दिए। सीएमओ ने चिकित्सालय में आक्सीजन की कमी को दूर करने के लिए तत्काल दो-तीन दिन के अन्दर आक्सीजन प्लॉट को संचालित कराने के निर्देश दिए। कहा कि मरम्मत होने तक वैकल्पिक व्यवस्था के तहत लोकल स्तर पर उपलब्ध आक्सीजन सिलेण्डर के माध्यम से रोगियो को आक्सीजन की अबाध रूप से आपूर्ति करें।


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