कानपुर, प्रदीप शर्मा - डी.बी.एस कॉलेज गोविन्द नगर, कानपुर में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत आयोजित एंटरप्रेन्योरशिप और स्किल्ड डेवलपमेंट प्रोग्राम स्किल्ड डेवलपमेंट प्रोग्राम के अंतर्गत संचालित 5 दिवसीय मैनेजमेंट डेवलपमेंट प्रोग्राम मैनेजमेंट आफ अरोमा इंडस्ट्री के अंतर्गत बुधवार को विद्यार्थियों के लिए विशेष हैंड्स ओं ट्रेंनिंग प्रोग्राम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम को सुनील अवस्थी एवं सुचित अवस्थी तथा देवांश अवस्थी द्वारा जंतु विज्ञान विभाग की लैब में सभी छात्र-छात्राओं को अगरबत्ती एवं धूपबत्ती निर्माण का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। विशेषज्ञ प्रशिक्षकों द्वारा प्रतिभागियों को कच्चे माल की पहचान, मिश्रण निर्माण, सुगंध उपयोग तकनीक, उत्पादन प्रक्रिया तथा तैयार उत्पाद की गुणवत्ता संबंधी जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों ने स्वयं अगरबत्ती एवं धूप वत्ती तैयार कर उद्योग आधारित कार्य प्रणाली को प्रत्यक्ष रूप से
समझा। प्रशिक्षको ने विद्यार्थियों को बताया कि अगरबती एवं धूपबत्ती उद्द्योग कम लागत में प्रारम्भ किया जाने वाला एक सफल स्वरोजगार मॉडल है, जिससे युवा आत्मनिर्भर बन सकते हैं। प्रशिक्षण सत्र से छात्र-छात्राएं अत्यंत प्रभावित हुए तथा उनमें उद्यमिता एवं स्वरोजगार के प्रति उत्साह देखने को मिला। यह पांच दिवसीय कार्यक्रम फ्रेगरेंस एंड फ्लावर डेवलपमेंट सेंटर एफडीसी एमएसएमई भारत सरकार, छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय इनोवेशन फाउंडेशन तथा एवं एलुमनाई एसोसिएशन, डी. बी.एस. कॉलेज के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है। महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो अनिल कुमार मिश्रा ने इस प्रकार के कौशल आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रमों को विद्यार्थियों के भविष्य एवं रोजगार सृजन की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। कार्यक्रम का समन्वयन डॉ. अनुपम दुबे द्वारा किया जा रहा है।


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