बुंदेलखंड के विकास का रास्ता सहकारिता से
चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि । जिले के गोस्वामी तुलसीदास राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय कर्वी में 21 फरवरी को इंडियन काउंसिल ऑफ सोशल साइंसेस रिसर्च के तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारम्भ हुआए जिसमें सहकारिता को विकास के सशक्त मॉडल के रूप में केंद्र में रखा गया। कार्यक्रम का उद्घाटन प्राचार्य डॉ राजेश कुमार पाल एवं डॉ सत्येन्द्र कुमार नायक ने किया। मुख्य अतिथि डॉ नायक ने चित्रकूट को वैश्विक तीर्थ बताते हुए कहा कि सहकारी समितियों के माध्यम से प्रशिक्षित टूरिस्ट गाइड तैयार कर रोजगार और पर्यटन दोनों को
![]() |
| राष्ट्रीय संगोष्ठी में मौजूद अतिथिगण |
नई दिशा दी जा सकती है। उन्होंने इफकोए अमूलए सुधा डेयरी और सारस्वत बैंक जैसे संगठनों का उदाहरण देते हुए सहकारिता की ताकत रेखांकित की। मुख्य वक्ता डॉ ओंकारनाथ मिश्र ने इसे सामाजिक समरसता और आत्मनिर्भरता का माध्यम बतायाए वहीं डॉ भूपेन्द्र कुमार ने बुंदेलखंड में महिला सशक्तिकरण की संभावनाओं पर प्रकाश डाला। तकनीकी सत्र में शोधार्थियों ने अपने शोधपत्र प्रस्तुत कर अकादमिक विमर्श को नई ऊंचाई दीए जिससे संगोष्ठी सहकारिता आधारित विकास के ठोस संकल्प के साथ आगे बढ़ी।
.jpeg)

No comments:
Post a Comment