चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि । 23 फरवरी को सीतापुर में आयोजित राष्ट्रीय सेवा योजना ;एनएसएसद्ध शिविर का दूसरा दिन सेवा, अनुशासन और सामाजिक चेतना के नाम रहा। सुबह की शुरुआत मुख्य चौराहे पर सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान से हुई, जहां स्वयंसेवकों ने प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक के माध्यम से हेलमेट पहननेए यातायात नियमों के पालन और नशे में वाहन न चलाने का सशक्त संदेश दिया। नारों और पोस्टरों से सजी रैली ने स्थानीय नागरिकों का ध्यान खींचा। इसके बाद विद्यालय परिसर स्थित कैंप कार्यालय में सामूहिक श्रमदान कर प्रांगण और कमरों की गहन सफाई की गई। श्रम के बाद स्वयंसेवकों ने मिल.जुलकर भोजन तैयार कियाए जिससे स्वावलंबन और सहयोग की भावना मजबूत हुई। दोपहर सत्र में जगद्गुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग विश्वविद्यालय से आए मुख्य अतिथि
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| एनएसएस शिविर में मौजूद बच्चे |
विनोद कुमार मिश्रा का बैज अलंकरण कर आत्मीय स्वागत किया गया। अपने ओजस्वी संबोधन में उन्होंने भ्रष्टाचार को समाज का घुन बताते हुए कहा कि कर्तव्यों के प्रति लापरवाही भी भ्रष्टाचार है। उन्होंने नाट मी बट यू के मूल मंत्र को चरित्र निर्माण की पहली सीढ़ी बताया और युवाओं से सत्यनिष्ठा को जीवन का आधार बनाने का आह्वान किया। शाम की सांस्कृतिक संध्या में देशभक्ति कविताओंए भ्रष्टाचार विरोधी रचनाओं और सड़क सुरक्षा व नशा मुक्ति पर आधारित लघु नाटिकाओं ने समां बांध दिया। अंत में धन्यवाद ज्ञापनए राष्ट्रगान और सेवा के संकल्प के साथ दूसरे दिन का समापन हुआए जिसने युवाओं में समाज परिवर्तन की नई चेतना जगा दी।
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