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Tuesday, February 24, 2026

हजारों साल पुराना सिद्धपीठ झारखंडी माता धाम उपेक्षितए किला जर्जर व सूखी पड़ी पावन जलधारा

विरासत बचाने को प्रशासन से गुहार 

चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि । जनपद के तरौंहा में स्थित हजारों वर्ष प्राचीन झारखंडी माता का विशाल सिद्ध मंदिर आज भी श्रद्धा का प्रमुख केंद्र हैए जहां प्रतिदिन सैकड़ों भक्त दूर.दूर से दर्शन और पूजा.अर्चना के लिए पहुंचते हैं। धार्मिक अनुष्ठानों और आयोजनों से यह धाम वर्षभर जीवंत रहता हैए लेकिन बुनियादी सुविधाओं और समुचित विकास के अभाव में इसकी भव्यता मुरझाती नजर आती है। मंदिर के समीप स्थित राजा सुरखियों का ऐतिहासिक किला भी जीर्ण.शीर्ण अवस्था में हैए जो तत्काल जीर्णोद्धार की मांग कर रहा है। इन दोनों धरोहरों के मध्य भउना नामक प्राचीन

डीएम को ज्ञापन देते स्थानीय नागरिक

जलधारा बहती थीए जो मंदाकिनी से जाकर मिलती थीए परंतु अब वह अवरुद्ध पड़ी है। स्थानीय नागरिकों.जवाहरलाल सोनीए श्याम गुप्ता और रामसूरत सोनी. ने जिलाधिकारी से मंदिर के चहुंमुखी विकासए किले के पुनरोद्धार और भउना जलधारा को पुनः प्रवाहित कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि प्रशासन ठोस पहल करे तो यह क्षेत्र आस्था और पर्यटन का प्रमुख केंद्र बन सकता है। इस संबंध ने तीनों ने तरौंहा के विकास के लिए डीएम को प्रार्थना पत्र देकर झारखण्डी माता आने का आह्वान किया है।


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