सोमवार की आधी रात के बाद किया गया होलिका दहन
बांदा, के एस दुबे । सूतक काल के चलते इस बार होली का मुख्य रंगोत्सव कुछ दिन बाद मनाया जाएगा। जिले में सोमवार शाम से 2573 स्थानों पर होलिका सजाई गई और आधी रात के बाद विधि-विधान से होलिका दहन किया गया। दहन के साथ ही छिटपुट रूप से रंगबाजी शुरू हुई, जबकि चार फरवरी को पूरे जिले में रंग खेला जाएगा। यह सिलसिला पांच फरवरी तक चलेगा। सोमवार शाम से ही शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में होलिका दहन की तैयारियां शुरू हो गई थीं। लोग पूजन सामग्री लेकर होलिका स्थलों पर पहुंचे और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। आधी रात के बाद होलिका धधकते ही वातावरण भक्तिमय हो गया। दहन के बाद लोगों ने एक-दूसरे को अबीर-गुलाल
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| होलिका |
लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं। बलखंडीनाका के राजू ने बताया कि हर साल की तरह इस बार भी पूरे मोहल्ले ने मिलकर होलिका दहन किया और अब चार फरवरी को रंग खेलेंगे। मुक्तिधाम रोड निवासी अधिवक्ता विशंभर ने कहा कि सूतक काल के कारण परंपराओं का पालन करते हुए रंग खेलने की तिथि बदली गई है। छोटी बाजार समेत विभिन्न स्थानों पर बच्चों में होली को लेकर खासा उत्साह है और वे चार फरवरी का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। आधी रात को पुलिस की मौजूदगी में विभिन्न स्थानों पर होलिका दहन किया गया। अकेले शहर में 150 से अधिक स्थानों पर होलिका जलाई गई।
डीएम जे. रीीाा के निर्देश पर होलिका दहन स्थलों की साफ-सफाई कराई गई। संबंधित सफाई कर्मियों द्वारा स्थलों की विशेष सफाई कर चूना डाला गया। जैसे-जैसे रात गहराती गई वैसे-वैसे होलिका दहन स्थलों पर लोगों की भीड़ जुटी। होलिका दहन के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो, इसके लिए पुलिस प्रशासन मुस्तैद रहा। शहर और ग्रामीण इलाकों में थाना पुलिस लगातार गश्त करती रही। कुछ स्थानों पर हुड़दंग जैसी स्थिति बनने पर पुलिस ने लोगों को समझाकर वहां से हटाया। पीआरवी 112 की टीमें भी लगातार क्षेत्र में भ्रमण करती रहीं। होलिका दहन के साथ ही अब पूरे जिले में चार और पांच फरवरी को रंगोत्सव की तैयारियां तेज हो गई हैं और लोगों में होली को लेकर उत्साह बना हुआ है। अब बुधवार से रंग खेला जाएगा यह गुरुवार तक चलेगा।


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