बबेरू ब्लाक के मझीवां ग्राम पंचायत में संचालित अस्थाई गोशाला का हाल
बांदा, के एस दुबे । बबेरू ब्लाक के अंतर्गत ग्राम पंचायत मझीवा में संचालित अस्थाई गौशाला में कुछ दूरी पर गोवंश का जहां पर अंतिम संस्कार किया जाता है, वहां पर देखा कि गड्ढे पर काफी संख्या पर गोवंशों के कंकाल गड्ढे में मिले और काफी मात्रा में थे और सिर्फ कंकाल मिला इसके अलावा एक भी गोवंश की बॉडी नहीं मिली सिर्फ हड्डियां मिली, जो की गौशाला कर्मचारियों ने बताया कि अगस्त माह में यहां पर लगभग 250 गोवंश संरक्षित किया गया था लेकिन वर्तमान में यहां पर सिर्फ 100 गोवंश मिले। इसी प्रकार ग्राम पंचायत पतवन में संचालित अस्थाई गौशाला का है यहां पर गौशाला के अंदर एक गोवंश मृत मिला और एक गंभीर अवस्था में बीमार मिला। गोवंशों को
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| चरही पर मुंह मारते हुए गोवंश। |
सिर्फ सूखा पराली खिलाई जा रही है। पानी की टंकी ऐसा प्रतीत होता है कभी साफ़ ही नहीं की गई उसमें बैक्टीरिया उपलब्ध मिले। विश्व हिंदू महासंघ गौरक्षा के जिला अध्यक्ष महेश कुमार प्रजापति अपनी टीम के साथ बबेरू ब्लाक के अंतर्गत विभिन्न गौशालयों का भ्रमण किया और देखा कि गौशालाओं की हालत चिंताजनक है साथ में यह देखा कि अधिकतर गौशालाओं में जहां पर गोवंशों का अंतिम संस्कार किया जाता है वहां पर गोवंशों का अंतिम संस्कार सम्मानपूर्वक नहीं किया जाता वहां पर गोवंश खुले गड्ढे में फेंक दिया जाता है इसके बाद कुत्ते नोच नोच कर खाते हैं और बची हुई हड्डियों को ऐसा प्रतीत होता है की गौशाला संचालक के द्वारा उन हड्डियों को बेच दिया जाता है।


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