पैलानी से तिंदवारी तक हर गांव में हुआ भव्य स्वागत, पृथक राज्य की उठी मांग
तिन्दवारी, के एस दुबे । पृथक बुंदेलखंड राज्य निर्माण के संकल्प को लेकर बुंदेलखंड संयुक्त मोर्चा द्वारा आयोजित "गांव-गांव, पांव-पांव" यात्रा आज अपने दूसरे दिन तिन्दवारी ब्लॉक के विभिन्न गांवों से होते हुए ऐतिहासिक जनसमर्थन के साथ आगे बढ़ी। फिल्म स्टार और आंदोलन के प्रणेता राजा बुंदेला, वरिष्ठ समाजसेवी व सह-नेतृत्वकर्ता जयराम सिंह 'बछेउरा' और डॉ. आश्रय सिंह के नेतृत्व में यह यात्रा के आठों ब्लॉकों में क्रांति की अलख जगा रही है। पदयात्रा के दौरान जनसभाओं को संबोधित करते हुए राजा बुंदेला ने स्पष्ट संदेश दिया कि बुंदेलखंड की धरती हो, बुंदेलखंड में भर्ती हो। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य केवल मानचित्र पर अलग राज्य बनाना नहीं,
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| भ्रमण के दौरान गांव में जनता को संबोधित करते हुए यात्रा में शामिल लोग। |
बल्कि बुंदेलखंड के संसाधनों पर यहां के युवाओं का हक सुनिश्चित करना है ताकि पलायन के कलंक को जड़ से मिटाया जा सके।यात्रा के सह-नेतृत्वकर्ता और पैलानी तहसील निर्माण के सारथी जयराम सिंह 'बछेउरा' ने पदयात्रा की रूपरेखा पर प्रकाश डालते हुए कहा यह यात्रा केवल सड़कों पर नहीं, बल्कि बुंदेलियों के दिलों में अपनी जगह बना रही है। हम पैदल चलकर हर घर और हर चौपाल तक पहुंच रहे हैं। पैलानी से शुरू होकर पिपरहरी, निवाइच, खप्टिहा, पपरेंदा और परसौदा होते हुए आज तिन्दवारी में जिस तरह का जनसमर्थन मिला है, उसने साबित कर दिया है कि पृथक राज्य अब दूर नहीं है। यात्रा के सफल संचालन में नीरज निगम (सह-नेतृत्वकर्ता/यात्रा प्रबंधक) की रणनीतिक भूमिका सराहनीय रही। उनके साथ भारी संख्या में कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं ने पूरी ऊर्जा के साथ इस अभियान को जन-आंदोलन का रूप दिया है। पदयात्रा में शामिल साथियों ने 'जय बुंदेलखंड' के गगनभेदी नारों से पूरे क्षेत्र को गुंजायमान कर दिया। वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि पृथक राज्य बनने से क्षेत्रीय समस्याओं का त्वरित समाधान होगा, स्थानीय खनिज और जल संसाधनों का लाभ यहां के किसानों और मजदूरों को मिलेगा और विकास की एक नई इबारत लिखी जाएगी। यह यात्रा आगामी दिनों में अन्य ब्लॉकों में प्रवेश कर जन-जन को इस मुहिम से जोड़ेगी।


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