सीएसए ने पौष्टिक उत्पादों के क्षेत्रीय कॉनक्लेव में लगाई प्रदर्शनी - Amja Bharat

Amja Bharat

All Media and Journalist Association

Breaking

Monday, March 30, 2026

सीएसए ने पौष्टिक उत्पादों के क्षेत्रीय कॉनक्लेव में लगाई प्रदर्शनी

कानपुर, प्रदीप शर्मा - चन्द्रशेखर आज़ाद कृषि एवं प्रौ‌द्योगिकी विश्ववि‌द्यालय, कानपुर के खाद्य विज्ञान एवं पोषण विभाग द्वारा  सोमवार को एमएसएमई सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम के अंतर्गत वाइब्रेट मिलेट्स थीम पर प्रदर्शनी एवं स्टॉल का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मिलेट्स (श्रीअन्न) आधारित विभिन्न पौष्टिक उत्पादों का प्रदर्शन किया गया। इस अवसर पर विभाग की छात्रा अलैशिका को एमएसएमई ट्रेड कॉन्क्लेव में उनके नवाचार "व्हिप  लिप के लिए सम्मानित किया गया। यह उपलब्धि विश्ववि‌द्यालय एवं विभाग के लिए गर्व का विषय है। प्रदर्शनी में छात्रों द्वारा मिलेट्स से तैयार विविध उत्पाद जैसे-बाजरा लड्डू, कुकीज़, मफिन, रोज़ेला जैम, चटनी पाउडर एवं मोरिंगा चटनी पाउडर आदि प्रस्तुत किए गए। इन उत्पादों को देखने एवं खरीदने के लिए बड़ी संख्या में लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा उनकी गुणवत्ता, स्वाद एवं नवाचार की सराहना की।मिलेट्स आधारित खाद्य पदार्थ


उच्च पोषण मूल्य से भरपूर होते हैं, जिनमें फाइबर, प्रोटीन, विटामिन एवं खनिज प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। ये पाचन को बेहतर बनाने, मधुमेह एवं मोटापे को नियंत्रित करने तथा समग्र स्वास्थ्य को बढ़ावा देने में सहायक होते हैं। इसके अतिरिक्त, रोज़ेला एवं मोरिंगा जैसे तत्वों का उपयोग रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में भी लाभकारी है। यह पहल न केवल स्वास्थ्य के प्रति जागरुकता बढ़ाती है, बल्कि स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार एवं उद्यमिता को भी प्रोत्साहित करती है।इस संपूर्ण कार्यक्रम का संचालन विभागाध्यक्ष डॉ. सीमा सोनकर डॉ. विनीता सिंह तथा डॉ. प्रज्ञा मिश्रा के द्वारा किया गया। उनके निर्देशन में छात्रों को निरंतर प्रोत्साहन एवं सहयोग प्राप्त हुआ।

इस अवसर पर डॉ. सीमा सोनकर ने कहा कि "छात्रों में नवाचार की भावना को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है, और इस प्रकार के मंच उन्हें अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान करते हैं।" वहीं डॉ. प्रज्ञा मिश्रा ने छात्रों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी उपलब्धियाँ अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणास्रोत हैं।कार्यक्रम में छात्राओं सानिया मुस्तफा स्वप्निल चंद्रा एवं दीपाली ने अपने उत्पादों का प्रस्तुतीकरण किया तथा उनके निर्माण की प्रक्रिया, लागत एवं लाभ के बारे में जानकारी दी। अलैशिका ने अपनी सफलता का श्रेय अपने शिक्षकों के मार्गदर्शन एवं विभाग दद्वारा मिले सहयोग को दिया तथा भविष्य में भी ऐसे नवाचार करने का संकल्प किया।इस प्रकार के आयोजनों से विद्यार्थियों में व्यावहारिक ज्ञान, नवाचार एवं उदद्यमिता कौशल का विकास होता है, जिससे वे भविष्य में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में अग्रसर होते हैं।

No comments:

Post a Comment

Post Bottom Ad

Pages